MP Farmers News : मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए अच्छी खबर है।राज्य शासन द्वारा प्रदेश के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई भावांतर योजना-2025 के अंतर्गत सोयाबीन की खरीदी में मदद के लिये अब हेल्पलाइन सुविधा शुरू की गई है। योजना के प्रभावी एवं सुचारू क्रियान्वयन के लिए किसान, व्यापारी संगठनों, मंडी बोर्ड / मंडी समितियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सुविधा के लिए भावांतर हेल्पलाइन कॉल सेंटर प्रारंभ किया गया है।योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा समस्या के समाधान के लिए कोई भी किसान, व्यापारी अथवा संबंधित व्यक्ति हेल्पलाइन से संपर्क कर सकता है।
भावांतर हेल्पलाइन नंबर
हेल्पलाइन का दूरभाष नंबर–0755-2704555 है। यह हेल्पलाइन 30 अक्टूबर 2025 से निरंतर योजना अवधि तक कार्यरत रहेगी। हेल्पलाइन प्रतिदिन प्रातः 07 बजे से रात्रि 11 बजे तक निरंतर कार्य करेगी।
29 अक्टूबर तक अबतक 27063 किसानों से 47493 टन सोयाबीन की खरीदी
- प्रदेश में सोयाबीन फसल के लिए लागू की गई भावांतर योजना में 9 लाख 36 हजार 352 किसानों ने पंजीयन कराया है। अभी तक 27 हजार 63 किसानों से 47 हजार 493 टन सोयाबीन खरीदी गई है।मंगलवार 28 अक्टूबर को 10 हजार 851 किसानों से 19 हजार 191 टन सोयाबीन की खरीदी हुई।
- कृषि उपज मंडी देवास में सर्वाधिक 1699, इंदौर में 1579, उज्जैन में 1538, गंजबासौदा में 1283, बैरसिया में 1154, आगर में 1085, आष्टा में 1061, शाजापुर में 1053, तराना में 1040 एवं सागर मंडी में 962 टन सोयाबीन की खरीदी हुई।
- सर्वाधिक किसानों के पहुँचने की टॉप मंडियों में गंजबासौदा मंडी में 1254, देवास में 1182, उज्जैन में 1106, आष्टा में 1075, बैरसिया में 900, आगर में 891, इंदौर में 795, शाजापुर में 787, सीहोर में 741 एवं नरसिंहगढ़ मंडी में 701 किसान सोयाबीन की विक्री के लिए पहुँचे।
- मंडी बड़नगर जिला उज्जैन में अधिकतम भाव 5725 रूपये प्रति क्विंटल रहा।प्रदेश में सोयाबीन की बुवाई का रकवा गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में 58.72 लाख हेक्टेयर था जो वर्तमान में 53.20 लाख हेक्टेयर है। इस वर्ष 2025-26 में 55.54 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ है।
9.36 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों ने कराया है पंजीयन
- सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए लागू की भावान्तर योजना के तहत 3 से 17 अक्टूबर तक शुरू हुए रजिस्ट्रेशन में 9.36 लाख किसानों ने पंजीयन करवाया है। प्रदेश में सात जिले उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा और सागर ऐसे हैं जहां 50-50 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। इसी तरह 21 जिलों से 10-10 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है।
- प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन की विक्रय अवधि रहेगी। सोयाबीन के लिए एमएसपी प्रति क्विंटल 5328 रुपए घोषित की गई है।अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अन्तर की राशि सीधे राज्य सरकार देगी।सोयाबीन खरीदी के प्रथम मॉडल भाव की घोषणा 7 नवंबर 2025 को की जाएगी।
"भावान्तर योजना" हेतु हेल्पलाइन प्रारंभ
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किसानों को उचित मूल्य व खरीदी से जुड़ी जानकारी के लिए सुविधा✅हेल्पलाइन नंबर: 𝟎𝟕𝟓𝟓-𝟐𝟕𝟎𝟒𝟓𝟓𝟓
✅समय – सुबह 𝟕 बजे से रात 𝟏𝟏 बजे तक👉विक्रय अवधि: 𝟐𝟒 अक्टूबर 𝟐𝟎𝟐𝟓 से 𝟏𝟓 जनवरी 𝟐𝟎𝟐𝟔@DrMohanYadav51@CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/LkiKSTCKJS
— Agriculture Department, MP (@minmpkrishi) October 30, 2025
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए
भावान्तर योजना बन रही वरदान▶️ अब तक 27 हजार 63 किसानों से 47 हजार 493 टन सोयाबीन की हुई खरीदी
▶️15 जनवरी, 2026 तक जारी रहेगा उपार्जन@DrMohanYadav51 @CMMadhyaPradesh @AgriGoI @minmpkrishi #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh #JansamparkMP pic.twitter.com/T2k6AfC18C
— Jansampark MP (@JansamparkMP) October 30, 2025





