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मध्य प्रदेश मौसम पर अपडेट, 24 घंटे बाद एक्टिव होगा नया सिस्टम, आज 10 जिलों में बारिश के आसार, जानें IMD का ताजा पूर्वानुमान

Written by:Pooja Khodani
Published:
कम दबाव के बने क्षेत्र से नमी आने के चलते दो तीन दिन इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभागों में बादल छाए रहेंगे और बारिश की संभावना बनी हुई है।
मध्य प्रदेश मौसम पर अपडेट, 24 घंटे बाद एक्टिव होगा नया सिस्टम, आज 10 जिलों में बारिश के आसार, जानें IMD का ताजा पूर्वानुमान

MP Weather Forecast : निम्न दाब के क्षेत्र के असर से मध्य प्रदेश में 3-4 दिन मौसम बदला रहेगा।दिन में धूप छांव की स्थिति बनी रहेगी। इस दौरान बादल छाए रहेंगे और कहीं कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी होती रहेगी। रविवार और सोमवार को इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है। 3 नवंबर की रात से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर 5-6 नवंबर से देखने को मिलेगा। हवाओं का रूख बदलने से ठंडी उत्तरी हवाएं चलेंगी और रात के तापमान के साथ दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है।नवंबर के दूसरे हफ्ते से ठंड में तेजी आएगी।इसका ज्यादा प्रभाव ग्वालियर चंबल में देखने को मिलेगा।

रविवार को इन जिलों में बादल बारिश का अलर्ट

  • इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा बारिश का अलर्ट
  • भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन में दिनभर बादल छाए , भोपाल में शाम या रात के समय हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य प्रदेश मौसन विभाग का पूर्वानुमान

एक निम्न दबाव क्षेत्र, पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्र के उत्तरी हिस्सों और निकटवर्ती क्षेत्रों अवस्थित है तथा इससे संबंधित चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने और अगले 12 घंटों के दौरान कमज़ोर पड़ने की संभावना है।एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र, पूर्व मध्य और निकटवर्ती उत्तर पूर्व अरब सागर के ऊपर अवस्थित है तथा संबंधित चक्रवातीय परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके उत्तर-पूर्वी अरब सागर को पार करते हुए दक्षिण गुजरात और संलग्न उत्तरी महाराष्ट्र तटों की ओर पूर्व-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ते रहने और अगले 24 घंटों के दौरान निम्न दबाव क्षेत्र में कमज़ोर पड़ने की संभावना है।एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण, दक्षिण म्यांमार तट और निकटवर्ती उत्तरी अंडमान सागर पर माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। 3 नवंबर की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।

Madhya Pradesh: 1 जून से अब तक कहां कितनी हुई वर्षा

  • मध्य प्रदेश में अब तक 48 इंच बारिश हो चुकी है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। इस बार मानसूनी सीजन में 121 प्रतिशत बारिश हुई है यानि अनुमान से 15 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।
  • गुना में सबसे ज्यादा 65.7 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।
  • इंदौर संभाग में सामान्य बारिश का लक्ष्य पूरा हो गया। हालांकि उज्जैन में कोटा पूरा नहीं हो पाया । सागर, रीवा, जबलपुर और शहडोल संभागों में मानसून का जोरदार असर रहा। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र संभाग में औसत से ज्यादा बारिश हुई।
  • ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

MP Weather Forecast Till 2 November