ग्वालियर । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों की सेवाओं को और बेहतर बनाने हेतु कलेक्टर अनुराग चौधरी ने जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण किया। साथ ही रेण्डम आधार पर आंगनबाड़ी केन्द्रों का चयन कर कलेक्टर द्वारा विभिन्न अधिकारियों को जिले की सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों की सेवाओं का मूल्यांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जिले में 80 अधिकारियों द्वारा 227 आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट के मुताबिक 13 आंगन बाड़ी केंद्र बंद मिले इन सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों की कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को पद से पृथक करने के नोटिस जारी किए गए हैं। इसके साथ ही 18 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर स्व-सहायता समूह द्वारा हितग्राहियों को नास्ता एवं भोजन वितरण में अनियमितता पाए जाने की रिपोर्ट भी प्राप्त हुई है। ऐसे सभी समूहों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास राजीव सिंह ने बताया कि जो आंगनबाड़ी केन्द्र निरीक्षण के दौरान बंद पाए गए हैं उनमें विकासखण्ड भितरवार अंतर्गत ग्राम पीपरीपुरा, मसूद पलायछा, मस्तुरा क्र.-2, आंतरी वार्ड-11, भितरवार क्र.-1, विकासखण्ड मुरार के ग्राम अडूपुरा एवं ग्वालियर शहर-1 के आंगनबाड़ी केन्द्र मिर्जापुर तथा घोसीपुरा की आंगनबाड़ी केन्द्र बंद पाए गए। इसके साथ ही 18 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर भोजन एवं नाश्ता वितरण में अनियमितता पाए जाने पर समूहों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
13 आंगनबाड़ी केन्द्रों की लापरवाह कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को पद से हटाने का नोटिस, 18 समूहों को हटाने के आदेश
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






