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चोर ने मंदिर से चुराई लड्डू गोपाल की मूर्ति, भगवान ने ही दे दी सजा, पुलिस ने भेजा जेल

Written by:Atul Saxena
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पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वो दिन में रेकी करता है और रात को चोरी करता है वप अब तक दिल्ली, इंदौर, भोपाल, मुरैना और ग्वालियर में 25 से ज्यादा चोरियां कर चुका है।

ग्वालियर में एक चोर को तत्काल ही सजा मिल गई कारण वो लड्डू गोपाल की मूर्ति को चोरी कर ले जाने की हिमाकत कर रहा था, उसने एक घर में घुसकर मंदिर में पीतल की मूर्ति चोरी की वहां रखे पैसे उठाये और फिर अलमारी पर रखा कुछ और सामान चोरी करने का प्रयास करने लगा जिसके चलते वो गिरा गया और पकड़ा गया

एडिशनल एसपी जयराज कुबेर ने जानकारी देते हुये बताया कि सिरोल थाना क्षेत्र में वकील सिंह यादव रहते हैं, रविवार की रात उनके घर को खाली समझकर एक शातिर चोर घुस गया , चोर ने मंदिर और बैठक का लॉकेट तोड़ा वहां रखे 7 हज़ा र्रुपये, अतिफिशल ज्वेलरी और मंदिर में रखी पीतल की लड्डू गोपाल की मूर्ति चोरी कर ली।

लड्डू गोपाल चोरी किये और पकड़ा गया 

इतनी चोरी से उसकी नीयत नहीं भरी तो उसने अलमारी पर रखा और सामान चोरी करने की सोची, ऊंचाई ज्यादा होने से वो स्टूल पर चढ़ा लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी यही गलती उसे भारी पड़ेगी, स्टूल पर चढ़ते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वो गिर पड़ा, किसी के गिरने की आवाज सुनकर पहली मजिल पर सो रहे वकील सिंह जाग गए और नीचे दौड़े उन्होंने युवक को नीचे गिरा देखकर शोर मचाया परिजनों को आवाज लगाई और उसे पकड़ लिया।

घायल चोर को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया 

पूछताछ में आरोपी ने खुद को चोर बताया , तत्काल पुलिस को सूचना दी गई सिरोल थाना पुलिस वहां पहुंची और उसे पकड़ लाइ चोर ने अपना नाम आशीष जाटव बताया  पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिए चूँकि गिरने से उसके सिर और पैर में चोट आई थी तो उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया पुलिस ने आरोपी के बैग की तलाशी लेकर चोरी किया सामान जब्त कर लिया।

25 से ज्यादा चोरियां कर चुका है शातिर चोर 

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वो दिन में रेकी करता है और रात को चोरी करता है वप अब तक दिल्ली, इंदौर, भोपाल, मुरैना और ग्वालियर में 25 से ज्यादा चोरियां कर चुका है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, लोगों में चर्चा हो रही है कि चोर एन लड्डू गोपाल को चोरी किया तो उन्होंने ही उसे सजा दे दी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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