Hindi News

हरियाणा की सियासत में हलचल: अनिल विज ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से हटाया मंत्री पद

Written by:Vijay Choudhary
Published:
Last Updated:
हरियाणा की सियासत में हलचल: अनिल विज ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से हटाया मंत्री पद

हरियाणा बीजेपी के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से ‘मंत्री’ शब्द हटाकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। अब उन्होंने अपने प्रोफाइल पर ‘अंबाला कैंट’ लिख दिया है। जब उनसे इसकी वजह पूछी गई तो विज ने साफ कहा कि उनकी व्यूअरशिप और पहचान पद से नहीं बल्कि ‘अनिल विज’ नाम से बनी है। उन्होंने कहा कि वे ट्विटर उस समय से इस्तेमाल कर रहे हैं जब उनके पास कोई पद नहीं था। उनका कहना है कि जो भी उनके कंटेंट से जुड़ना चाहता है, वो व्यक्तिगत रूप से जुड़ सकता है।

नेतृत्व पर सवाल और नाराजगी का दौर

अनिल विज ने यह भी कहा कि फिलहाल उन्हें पार्टी से कोई नाराजगी नहीं है और वह दौर अब खत्म हो चुका है। हालांकि, हाल ही में उन्होंने हरियाणा बीजेपी के नेतृत्व पर सवाल उठाकर सुर्खियां बटोरी थीं। 12 सितंबर को उन्होंने एक्स पर लिखा था कि अंबाला छावनी में कुछ लोग समानांतर बीजेपी चला रहे हैं और उन्हें ऊपर से संरक्षण प्राप्त है। इस टिप्पणी पर उन्होंने लोगों से प्रतिक्रिया भी मांगी थी। विज के इस बयान से पार्टी में हलचल बढ़ गई थी।

चुनाव और आरोपों का सिलसिला

अंबाला कैंट से सात बार विधायक रह चुके अनिल विज लंबे समय से अपनी ही पार्टी के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। विधानसभा चुनाव में उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें हराने की साजिश रची गई थी। इसके अलावा, फरवरी में उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को लेकर भी टिप्पणी की थी, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा था। विज के इन बयानों ने कई बार हरियाणा की सियासत को गरमा दिया है और उनकी नाराजगी पार्टी के लिए सिरदर्द बनी रही है।

राहुल गांधी पर साधा निशाना

विज ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी दुनिया के पहले ऐसे नेता हैं, जो अपने ही देश में एटम बम और हाइड्रोजन बम गिराने की भावना रखते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार वार्ता में हर किसी को बोलने का अधिकार है, लेकिन शब्दों का चयन बेहद जरूरी होता है। विज ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी पर नकारात्मकता इतनी हावी है कि वे न तो सकारात्मक सोच पाते हैं और न ही सकारात्मक बोल पाते हैं।