अंबाला के नग्गल क्षेत्र में जलभराव की समस्या ने स्थानीय किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। इस बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। लेकिन किसानों और पुलिस के बीच अचानक टकराव हो गया। किसान अपने प्रतिनिधियों के जरिए मुख्यमंत्री से मिलने आए, जबकि पुलिस उन्हें रोकने में जुट गई। इस तनाव के बीच मुख्यमंत्री ने स्थिति संभाली और किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उनका कहना था कि जलभराव को जल्द ही दूर करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री का दौरा और किसानों से बातचीत
नग्गल में जलभराव की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने के लिए भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के पदाधिकारी भी मौजूद थे। किसानों की भारी उपस्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया और पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान किसानों और पुलिस के बीच तनाव उत्पन्न हो गया। किसान नेता जय सिंह जलबेड़ा और अन्य कार्यकर्ता आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उनका पीछा किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप कर किसानों को बातचीत के लिए बुलाया और स्थिति को नियंत्रण में लाया।
जलभराव की समस्या और मांगें
किसान नेताओं कुलदीप सिंह मोहड़ी और जय सिंह जलबेड़ा ने मुख्यमंत्री को बताया कि नग्गल क्षेत्र में जलभराव से फसल और जमीन प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सेगती गांव के पास बने बांध के कारण पानी का निकास नहीं हो पा रहा है। पहले वहां मोटर लगी होती थी, जो अब बंद है। किसानों ने मांग की कि मोटरों को फिर से चालू किया जाए। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या गंभीरता से सुनी और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव की समस्या को जल्द से जल्द हल किया जाए।
प्रशासन पर आरोप और आगे की कार्रवाई
किसान नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि 28 जुलाई को अंबाला शहर की नई अनाज मंडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रशासन ने उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने से रोका था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी और जैसे ही किसानों की मौजूदगी का पता चला, उन्होंने तुरंत मुलाकात का निर्देश दिया। किसान नेताओं ने महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि सोमवार को नग्गल थाने का घेराव किया जाएगा और संबंधित शिकायत दर्ज की जाएगी।





