हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में आज (28 अगस्त 2025) एक अहम कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। यह बैठक शाम 11 बजे से चंडीगढ़ के सचिवालय की चौथी मंजिल पर स्थित मुख्य समिति कक्ष में शुरू हुई, जिसमें राज्य के अलग-अलग विभागों के मंत्री शामिल रहे। बैठक में कई महत्वपूर्ण पहलुओं और नीतिगत फैसलों पर चर्चा की गई, साथ ही योजना बनाई गई कि कौन-से निर्णय जल्द लागू किए जाएं.
यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें जल आपूर्ति और सीवरेज से जुड़े मुद्दे, पर्यटन विभाग का रिव्यू, और सीआरएस ट्रस्ट की समीक्षा भी शामिल थी। बैठक का एक प्रमुख एजेंडा जल आपूर्ति और सीवरेज सेवाओं में सुधार था। राज्य सरकार ने यह समझा कि यह जनजीवन से जुड़ा मुद्दा है, जिसे तुरंत सुलझाना जरूरी है। हालांकि बैठक में उठाए गए कदमों का विवरण प्रकाशित नहीं हुआ है, मगर चर्चा से साफ था कि राज्य की जल व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए संभावित नए उपायों और संसाधनों की बात चलाई गई।
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पर्यटन विभाग का पुनर्कथन
इस बैठक में मुख्यमंत्री ने शाम 5 बजे पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक भी बुलाई है, जिससे यह एजेंडा साफ़ जाहिर हुआ कि राज्य में पर्यटन को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का इरादा है। पर्यटन स्थलों के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने, और नवाचारी प्रचार-प्रसार योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की तैयारी हो रही है। सभा में सीआरएस (CSR) ट्रस्ट की गतिविधियों की समीक्षा भी शामिल थी, जिसका उद्देश्य है कि राज्य में सामाजिक कल्याण योजनाओं और सामुदायिक कर योगदानों (CSR) का उपयोग प्रभावी तरीके से हो।
जांच करने का निर्णय
मुख्यमंत्री ने इस पहल की संभावित दिशा तय करने के लिए ट्रस्ट के प्रदर्शन की भी जांच करने का निर्णय लिया। इस कैबिनेट बैठक ने हरियाणा सरकार की सरकार-केंद्रित नीतियों और उचित पक्षपतियों तक योजनाओं के लाभ पहुंचाने का संकल्प एक बार फिर दर्शाया। जल, पर्यटन और सामाजिक कल्याण-तीनों ही विषय तबतक चर्चा का हिस्सा रहे, जबतक उनके प्रभाव और संभावनाओं की स्पष्ट रूपरेखा आसानी से समझ में नहीं आ गई।