हरियाणा में राज्यसभा की दो खाली हो रही सीटों के लिए चुनावी बिगुल बज गया है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने गुरुवार को अधिसूचना जारी करते हुए चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। इसके तहत उम्मीदवार 5 मार्च तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे और 16 मार्च को मतदान के बाद उसी दिन शाम को नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। ये सीटें भाजपा के दो सांसदों, किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने के कारण खाली हो रही हैं।
मौजूदा विधानसभा के गणित को देखते हुए इन दो सीटों में से एक पर सत्तारूढ़ भाजपा और एक पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की जीत लगभग पक्की मानी जा रही है। अगर दोनों दल एक-एक उम्मीदवार ही मैदान में उतारते हैं, तो मतदान की नौबत नहीं आएगी और दोनों निर्विरोध चुन लिए जाएंगे।
क्या कहता है विधानसभा का अंकगणित?
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं, और राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए एक उम्मीदवार को 31 वोटों की जरूरत होगी। इसका फॉर्मूला है: [कुल वोट ÷ (रिक्त सीटें + 1)] + 1, यानी (90 ÷ 3) + 1 = 31।
वर्तमान में भाजपा के पास 48 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं। इसके अलावा 3 निर्दलीय और 2 इनेलो के विधायक हैं।
- भाजपा का समीकरण: अपने 48 विधायकों में से 31 वोट देकर भाजपा आसानी से अपने एक उम्मीदवार को जिता सकती है। इसके बाद भी पार्टी के पास 17 वोट बचेंगे।
- कांग्रेस का समीकरण: कांग्रेस भी अपने 37 विधायकों में से 31 वोट देकर एक उम्मीदवार को आसानी से राज्यसभा भेज सकती है, जिसके बाद उसके पास 6 वोट शेष रहेंगे।
इस गणित के अनुसार, अगर भाजपा दूसरी सीट जीतने की कोशिश करती है तो उसे अपने बचे 17 वोटों के अलावा निर्दलीय (3) और इनेलो (2) के समर्थन की जरूरत होगी, जिससे उसका आंकड़ा 22 तक पहुंचेगा। फिर भी उसे जीत के लिए 9 और वोटों की आवश्यकता होगी, जिसके लिए उसे कांग्रेस में बड़ी सेंधमारी करनी पड़ेगी, जो मौजूदा राजनीतिक हालात में बेहद मुश्किल लगता है।
विवाद के बाद बदले गए रिटर्निंग ऑफिसर
इस चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत एक छोटे से विवाद के साथ हुई। चुनावी मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने चुनाव आयोग को शिकायत भेजकर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के पद पर विधानसभा सचिव राजीव प्रसाद (HCS) की नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी और किसी IAS अधिकारी को यह जिम्मेदारी देने की मांग की थी। आयोग ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए कृषि विभाग के प्रधान सचिव, IAS पंकज अग्रवाल को नया रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया है। वहीं, हरियाणा विधानसभा के डिप्टी सेक्रेटरी गौरव गोयल असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका निभाएंगे।
निर्विरोध चुने गए थे जांगड़ा और चौधरी
जिन दो सीटों पर चुनाव हो रहा है, उन पर काबिज सांसद रामचंद्र जांगड़ा और किरण चौधरी निर्विरोध ही चुने गए थे। जांगड़ा मार्च 2020 में राज्यसभा सांसद बने थे और उनका कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 तक है। वहीं, किरण चौधरी 27 अगस्त 2024 को हुए उपचुनाव में निर्विरोध चुनी गई थीं। यह सीट दीपेंद्र हुड्डा के रोहतक से लोकसभा सांसद बनने के बाद इस्तीफा देने से खाली हुई थी। अब देखना यह है कि क्या इस बार भी दोनों उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाते हैं या भाजपा दूसरा प्रत्याशी उतारकर मुकाबले को रोचक बनाती है।






