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हरियाणा के अंबाला पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत, स्वयंसेवकों को संबोधित कर कहा- “संघ की दशा बदली, दिशा नहीं”

Written by:Gaurav Sharma
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत अपने दो दिवसीय हरियाणा दौरे पर शुक्रवार को अंबाला पहुंचे। यहां उन्होंने 20 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद किसी कार्यक्रम में शिरकत की और 'द्विनगर तरुण स्वयंसेवक एकत्रीकरण' में एक हजार से अधिक स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने संबोधन में संघ के सौ वर्षों की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि संघ की दशा बदली है, लेकिन दिशा वही है।
हरियाणा के अंबाला पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत, स्वयंसेवकों को संबोधित कर कहा- “संघ की दशा बदली, दिशा नहीं”

अंबाला: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत शुक्रवार को अपने दो दिवसीय हरियाणा प्रवास के पहले दिन अंबाला पहुंचे। लगभग 20 वर्षों के बाद सरसंघचालक की अंबाला यात्रा को लेकर स्वयंसेवकों में विशेष उत्साह देखा गया। यहां उन्होंने पुलिस डीएवी स्कूल के मैदान में आयोजित ‘द्विनगर तरुण स्वयंसेवक एकत्रीकरण’ कार्यक्रम में 1000 से अधिक स्वयंसेवकों को संबोधित किया।

अपने उद्बोधन में मोहन भागवत ने संघ की सौ साल की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन वर्षों में संगठन ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उन्होंने कहा कि अनुकूलता तो पिछले 20 वर्षों से लगातार बढ़ रही है, लेकिन इससे पहले का लंबा समय उपेक्षा और विरोध में ही बीता है।

“संघ ने सौ वर्षों की यात्रा में अपनी दशा बदली है, दिशा नहीं बदली। उसी के भरोसे हमें समाज का विश्वास प्राप्त हो रहा है। बहुत कठिन परिस्थितियों में स्वयंसेवकों को कार्य को आगे बढ़ाना पड़ा।”- मोहन भागवत, सरसंघचालक, RSS

भागवत ने कहा कि आज संघ के कार्यक्रम बड़े हो रहे हैं, जो समाज की कृपा और कार्यकर्ताओं की मेहनत का फल है। हालांकि, उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि अब और अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि लोग समीक्षा की दृष्टि से संघ को देख रहे हैं। उन्होंने पौराणिक कथाओं का उदाहरण देते हुए स्वयंसेवकों को अनुकूल वातावरण में उत्पन्न होने वाले अहंकार के भाव से बचने की सलाह दी।

ऐतिहासिक रहा यह एकत्रीकरण

अंबाला के स्वयंसेवकों के लिए यह कार्यक्रम कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। सरसंघचालक मोहन भागवत 20 साल बाद अंबाला के किसी कार्यक्रम में शामिल हुए। इससे पहले साल 2006 में तत्कालीन सरसंघचालक एक हिंदू सम्मेलन में यहां आए थे। इसके अलावा, लगभग 40 वर्षों बाद ऐसा अवसर आया जब अंबाला में एक हजार से अधिक स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में सरसंघचालक के किसी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस एकत्रीकरण में अंबाला शहर और छावनी के 15 से 40 वर्ष आयु वर्ग के स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत शाम साढ़े पांच बजे ध्वजारोहण और प्रार्थना के साथ हुई। इसके बाद स्वयंसेवकों द्वारा शारीरिक प्रदर्शन, सामूहिक गीत और अमृत वचन का पाठ किया गया। मंच पर प्रांत संघचालक प्रताप सिंह, विभाग संघचालक रमाकांत और जिला संघचालक प्रदीप खेड़ा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन के बाद सरसंघचालक कुरुक्षेत्र के लिए प्रस्थान कर गए।

आज कुरुक्षेत्र में बुद्धिजीवियों से करेंगे संवाद

अपने प्रवास के दूसरे दिन, 28 फरवरी को मोहन भागवत कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभागार में एक गोष्ठी में शामिल होंगे। इस गोष्ठी में शिक्षाविद, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी और न्यायाधीशों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। इस दौरान क्षेत्र प्रचारक प्रमुख बनवीर जी और क्षेत्र कार्यवाह रोशनलाल सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

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