मध्यप्रदेश में ‘सिया घोटाले’ (SEIAA) को लेकर सियासी घमासान तेज़ हो गया है। मुख्यमंत्री द्वारा दो आईएएस अधिकारियों के तबादले के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि घोटाला हुआ है तो सिर्फ अफसरों को हटाने से बात नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि अब तक मामले में जांच की घोषणा नहीं हुई है और वो इस मुद्दे को विधानसभा के मानसून सत्र में उठाएंगे।
बता दें कि विपक्ष लगातार इस मामले पर सरकार को घेर रहा है। सीएम डॉ मोहन यादव ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद केसी गुप्ता और नवनीत मोहन कोठारी को उनके पद से हटा दिया है। लेकिन कांग्रेस सवाल कर रही है कि सरकार ने अब तक मामले में जांच की घोषणा क्यों नहीं की है।
क्या है मामला
यह मामला मध्यप्रदेश राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण (SEIAA) से जुड़ा है। आरोप है कि 450 से अधिक परियोजनाओं को बिना उचित प्रक्रिया और नियमों की अनदेखी करते हुए पर्यावरणीय मंजूरी दी गई है। इनमें से 200 से अधिक परियोजनाए खनिज विभाग से संबंधित हैं और कांग्रेस इसमें खनन माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगा रही है। इस घोटाले में करोड़ों के भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने विदेश यात्रा से लौटकर दो बड़े अधिकारियों के तबादले किए हैं और इन्हें सिया विवाद के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
उमंग सिंघार ने कहा ‘विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा’
इस मामले में अब उमंग सिंघार ने कहा है कि सिर्फ दो अफसरों को हटाना ही मसले का हल नहीं। उन्होंने कहा है कि सिया विवाद में सरकार को दो अफसरों प्रमुख सचिव (पर्यावरण) नवनीत कोठारी और सदस्य सचिव उमा माहेश्वरी को हटाना पड़ा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि ‘मेरे मुद्दे पर सरकार को मजबूर होकर यह कार्रवाई करना पड़ी, पर सिर्फ दागी अफसरों को हटाने से मसला हल नहीं होगा। जो बड़ा घोटाला हुआ, उसकी तह तक पहुंचने के लिए जांच जरूरी है। तभी सामने आएगा कि इस घोटाले की कालिख किस-किस के हाथ पर लगी है। घोटाला हुआ है तो अफसरों को हटाने से बात नहीं बनेगी। जांच की घोषणा नहीं हुई है..निश्चित ही विधानसभा में आपकी सरकार सवालों का सामना करने के लिए तैयार रहे।’ इस तरह उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि विधानसभा के मानसून सत्र में वो इस मुद्दे को सदन में उठाएंगे।
'सिया' घोटाले में दो अफसरों को हटाना ही मसले का हल नहीं !!!#SEIAA विवाद में सरकार ने दो अफसरों प्रमुख सचिव (पर्यावरण) #नवनीत_कोठारी और सदस्य सचिव #उमा_माहेश्वरी को हटाना पड़ा!
मेरे मुद्दे पर #सरकार को मजबूर होकर यह कार्रवाई करना पड़ी, पर सिर्फ दागी अफसरों को हटाने से मसला हल… https://t.co/JXROpVKBR4 pic.twitter.com/ldniw5FNrK
— Umang Singhar (@UmangSinghar) July 24, 2025






