हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को भारी हंगामे के बीच राजस्व घाटा अनुदान (RDG) की बहाली को लेकर लाया गया सरकारी संकल्प ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस प्रस्ताव को अब मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसके चलते विपक्ष ने सदन से वॉकआउट भी किया।
दरअसल, 16वें वित्त आयोग ने केंद्र सरकार से RDG बंद करने की सिफारिश की है, जिससे हिमाचल को हर साल करीब 10 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान होने का अनुमान है। प्रदेश पहले से ही 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा है। सरकार का मानना है कि RDG बंद होने से राज्य की आर्थिक स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी।
CM और नेता प्रतिपक्ष में तीखी बहस
सदन में तीन दिनों तक चली चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस प्रस्ताव का समर्थन न करके प्रदेश की 75 लाख जनता के अधिकारों पर कुठाराघात किया है। सीएम ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश बर्बाद हुआ।
“नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने दोमुंही बात की। 15वें वित्त आयोग के समय वह कहते थे कि RDG मिलनी चाहिए, यह राज्य का हक है। अब जब वित्त आयोग ने इसे बंद करने की सिफारिश की तो वह कह रहे हैं कि यह अधिकार नहीं है।” — सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री
सीएम के इस बयान के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए, जिसके बाद स्पीकर को 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सदन में लगातार झूठ बोल रहे हैं और गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।
बागवानों से 8 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला भी गूंजा
इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान सदन में सेब बागवानों से हुई करोड़ों की ठगी का मामला भी उठा। ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर के सवाल पर कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने बताया कि पिछले तीन सालों में प्रदेश के 379 बागवानों से 8.05 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है।
आढ़ती और खरीदार बागवानों से सेब खरीदने के बाद बिना भुगतान किए फरार हो गए।
- सोलन: सबसे ज्यादा 191 शिकायतें दर्ज हुईं, जहां 3.37 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है।
- शिमला: 144 बागवानों से 4.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई।
- कुल्लू-लाहौल स्पीति: 44 शिकायतों में 45.38 लाख रुपये की पेमेंट हड़पी गई।
कृषि मंत्री ने सदन को आश्वासन दिया कि सरकार डिफॉल्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और बागवानों का पैसा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, विधायक कुलदीप राठौर ने APMC की कार्यप्रणाली में सुधार और बाहरी कारोबारियों की पृष्ठभूमि की जांच के बाद ही व्यापार की अनुमति देने की मांग की।
संघीय ढांचे को कमजोर कर रही भाजपा: नेगी
सदन की कार्यवाही के बाद राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने मीडिया से बातचीत में केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा देश में संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है और 16वां वित्त आयोग उसकी कठपुतली बन गया है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत राजस्व घाटे वाले राज्यों को वित्तीय मदद देना केंद्र की जिम्मेदारी है।






