हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पेखूबेला हरित क्रांति सिंचाई सुविधा और सोलर प्रोजेक्ट को लेकर सोमवार को हंगामा देखने को मिला। भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने नियम 63 के तहत मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियां कीं और कंपनी को फायदा पहुंचाया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट जहां लगना चाहिए था वहां नहीं लगा और कंपनी काम छोड़कर भाग गई। आरोप लगाया गया कि कंपनी को 99 फीसदी भुगतान कर दिया गया, लेकिन घटिया काम होने पर न तो जुर्माना लगाया गया और न ही जिम्मेदारी तय हुई। ठाकुर ने यह भी कहा कि कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर के नियम 18 बार बदले गए।
पेखूबेला सोलर प्रोजेक्ट पर हंगामा
इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक को पेखूबेला प्रोजेक्ट का “फोबिया” हो गया है। यदि भ्रष्टाचार हुआ है तो भाजपा विधायक इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) या सीबीआई से करवाएं, क्योंकि ये एजेंसियां केंद्र सरकार के अधीन हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट की निगरानी पावर कॉरपोरेशन कर रहा है और कंपनी के 44 करोड़ रुपये रोक लिए गए हैं। भारी बरसात के कारण प्रोजेक्ट में पानी भर गया था, इसलिए इसे बंद किया गया, लेकिन 15 सितंबर से यह फिर शुरू हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पावर कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता विमल नेगी की मौत की जांच सीबीआई कर रही है और सच जल्द सामने आएगा।
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विधानसभा में इस दौरान भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर ने नियामक आयोग (रेगुलेटरी कमीशन) की नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन तीन नामों की चर्चा चल रही है, वे ठीक नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने सदन में नाम नहीं बताए और कहा कि इसे मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से बता देंगे। इस मुद्दे ने भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक को जन्म दिया।
वहीं, मुख्यमंत्री ने चंबा की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मणिमहेश यात्रा को केंद्र सरकार की प्रसाद योजना में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके साथ ही बरसात के मौसम में श्रद्धालुओं को परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए जाएंगे। भाजपा विधायक जनक राज ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए यात्रा के दौरान मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि न तो पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही वर्षाशालिकाएं हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि यात्रा मार्ग की दिक्कतें दूर की जाएंगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी।