Hindi News

धनतेरस के दिन अनजाने में भी ये गलतियाँ न करें, मां लक्ष्मी और कुबेर देव हो सकते हैं नाराज

Written by:Bhawna Choubey
Published:
धनतेरस का दिन केवल धन-समृद्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि इस दिन की विशेष पूजा और नियम पूरे साल आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाकर रखते हैं। लेकिन कुछ काम ऐसे हैं, जिन्हे करने से नुकसान भी हो सकता है।
धनतेरस के दिन अनजाने में भी ये गलतियाँ न करें, मां लक्ष्मी और कुबेर देव हो सकते हैं नाराज

धनतेरस (Dhanteras 2025) जिसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है, दिवाली महापर्व का पहला दिन होता है। यह दिन खासकर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा के लिए प्रसिद्ध है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर समुद्र मंथन में प्रकट हुए थे। इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और दान देने का विधान है, जो आरोग्य और धन की प्राप्ति में सहायक माना जाता है।

धनतेरस केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि ज्योतिष और वास्तु के अनुसार भी अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। इस दिन किए गए कार्य पूरे साल के स्वास्थ्य और वित्तीय मामलों पर सकारात्मक असर डालते हैं। घर और व्यवसाय दोनों में इस दिन का महत्व विशेष माना जाता है।

धनतेरस की शाम घर में झाड़ू न लगाएं (Dhanteras 2025)

धनतेरस की दोपहर तक ही घर की साफ-सफाई का काम पूरा कर लेना चाहिए। शाम या रात में झाड़ू लगाने से मां लक्ष्मी नाराज होती हैं और घर में समृद्धि की कमी महसूस होती है। विशेष रूप से मुख्य द्वार और पूजा स्थल की सफाई का ध्यान रखें।

नमक और खट्टी चीजें इस दिन न दें

धनतेरस पर शाम के समय नमक, दही या खट्टी चीजों का दान करना अशुभ माना जाता है। यह घर में तनाव बढ़ाता है और राहु की अशुभ प्रभाव को बढ़ावा देता है। समृद्धि बनाए रखने के लिए इस दिन सकारात्मक और शुभ चीजों का दान करना चाहिए।

दरवाजा बंद न करें

धनतेरस की रात को देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं। इस समय दरवाजा बंद करने से वे लौट जाती हैं और घर में धन व सुख की कमी हो सकती है। इसलिए शाम को मुख्य दरवाजे को खुला रखें।

पैसा उधार न दें

धनतेरस पर किसी को पैसा उधार देने से बचें। ऐसा करने से कुबेर देव नाराज होते हैं और घर की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। समृद्धि बनाए रखने के लिए इस दिन नकद, सिक्के और कीमती वस्तुएँ घर में लाना शुभ माना जाता है।

खाली बर्तन न लाएं

तांबे या पीतल के बर्तन खरीदते समय बर्तन खाली न लाएं। इसमें पानी, चावल, गुड़ या मिठाई डालकर ही लाना चाहिए। इससे घर में धन, सुख और समृद्धि का प्रवाह बना रहता है।

धनतेरस पर पुरानी झाड़ू का क्या करें?

धनतेरस का त्योहार समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है। इस दिन घर की सफाई और नए सामान का महत्व बढ़ जाता है। खासकर झाड़ू का चयन बहुत मायने रखता है। पुरानी झाड़ू को धनतेरस पर घर में इस्तेमाल करना शुभ नहीं माना जाता। इसे फेंक देना या घर के किसी पुराने कोने में रखना बेहतर होता है। नई झाड़ू खरीदते समय ध्यान रखें कि इसे सीधे इस्तेमाल में न लाएँ। इसे घर के साफ़ कोने में रख दें फिर अगली सुबह या लक्ष्मी पूजा के बाद इसका इस्तेमाल शुरू करते हैं। इससे नए साल में समृद्धि और सौभाग्य का मार्ग खुलता है।

धनतेरस की पूजा विधि

धनतेरस की पूजा में सबसे पहले भगवान धन्वंतरि का पूजन करें। उसके बाद माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करें। पूजा स्थल को साफ और सजाकर दीपक जलाएं। सिंहासन पर सोना, चांदी या कीमती सिक्के रखकर आराधना करें। पूजा के समय ध्यान रखें कि पूजा स्थल पर अशुभ कार्य जैसे झाड़ू लगाना, नमक दान करना या दरवाजा बंद करना न हो। इस दिन पूजा और सकारात्मक कार्यों का महत्व इसलिए है क्योंकि यह पूरा साल आपकी समृद्धि और स्वास्थ्य सुनिश्चित करता है।

भगवान धन्वंतरि का संदेश

धनतेरस केवल धन और समृद्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य का दिन भी है। भगवान धन्वंतरि के दर्शन और पूजा से आरोग्य, रोगमुक्त जीवन और मानसिक शांति मिलती है। इस दिन स्वास्थ्य संबंधी सावधानियाँ और सकारात्मक सोच अपनाना लाभकारी होता है। किसी भी प्रकार का अशुभ कार्य या नकारात्मकता स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।