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Tue, Dec 16, 2025

करोड़ों की लागत से बने BRTS को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू, कांग्रेस बोली- जनता का पैसा बर्बाद करने वालों से हो वसूली

Written by:Atul Saxena
Published:
लगभग नौ माह पूर्व मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इंदौर बीआरटीएस हटाने के आदेश जारी किए थे। अब उसी के पालन में यह कार्रवाई प्रारंभ की गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि इसके हटने के बाद इंदौर की सड़कों पर यातायात और अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनेगा।
करोड़ों की लागत से बने BRTS को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू, कांग्रेस बोली- जनता का पैसा बर्बाद करने वालों से हो वसूली

मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया BRTS अब ढाई करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर इसे तोड़ा जा रहा है, आज देवउठान एकादशी के शुभ मुहूर्त में बीआरटीएस को तोड़ने की प्रक्रिया महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुरू की लेकिन बीआरटीएस को तोड़े जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं, कांग्रेस का कहाँ है कि इसके निर्माण के समय भी विरोध किया गया था लेकिन सरकार ने इसका निर्माण कर दिया कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए इसके निर्माण में शामिल नेताओं और अफसरों से वसूली की मांग की है

इंदौर की जनता को फ़ास्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा देने की प्लानिंग कर बनाये गए BRTS कॉरिडोर का अब नामोनिशान शहर से मिट जायेगा, इसके तोड़ने की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई, नगर निगम को एजेंसी मिल गई जो इस काम को करेगी और इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद महापौर की मौजूदगी में बीआरटीएस को तोडना शुरू हो गया

महापौर ने बताया कि ये बी आर टी एस 115 किलोमीटर के ट्रैक पर प्लान किया गया था जिसमें से एक ही ट्रैक बना लेकिन बढ़ते शहर एक साथ और कुछ तकनीकी कमियों के कारण जो लाभ BRTS का मिलना था वो जनता को नहीं मिला इसलिए इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के और उच्च न्यायालय के फैसले के अनुरूप इसे तोड़ा जा रहा है।

महापौर ने पूजन कर शुरू कराया काम 

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जेसीबी का पूजन कर कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्णय से इंदौर में सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित होगी। बीआरटीएस हटाने के साथ-साथ सड़क चौड़ीकरण और डिवाइडर निर्माण का कार्य भी समानांतर रूप से किया जाएगा। जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ अस्थायी डिवाइडर भी लगाए जाएंगे ताकि ट्रैफिक प्रभावित न हो।

महापौर के निर्देश 

उन्होंने कहा कि अधिकृत एजेंसी को निर्देश दिए गए हैं कि स्टेशन हटाने, जाली निकालने और निर्माण सामग्री को व्यवस्थित ढंग से हटाने का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। नगर निगम और यातायात विभाग के समन्वय से कार्य किया जा रहा है ताकि सुरक्षा और यातायात में किसी प्रकार की बाधा न उत्पन्न हो।

हाई कोर्ट ने 9 महीने पहले दिए थे हटाने के आदेश 

गौरतलब है कि लगभग नौ माह पूर्व हाई कोर्ट ने बीआरटीएस हटाने के आदेश जारी किए थे। अब उसी के पालन में यह कार्रवाई प्रारंभ की गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि यह कदम शहर के नागरिकों को राहत प्रदान करेगा और इंदौर की सड़कों पर यातायात और अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनेगा।

BRTS निर्माण में भारी भ्रष्टाचार के आरोप 

बीआरटीएस को तोड़ने की कार्यवाही शुरू की गई तो मध्य कांग्रेस ने इसपर सवाल उठाये, कांग्रेस के पूर्व महासचिव राकेश सिंह यादव ने कहा कि बीआरटीएस के निर्माण के समय ही इसका विरोध किया था और इसे अनावश्यक बताया था लेकिन तत्कालीन शिवराज सरकार ने बीआरटीएस के प्रोजेक्ट को नहीं रोका क्कांग्रेस नेता ने इसमें भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, कमीशन खोरी का आरोप लगाया।

नेताओं और अधिकारियों से पैसा वसूली की मांग 

कांग्रेस नेता ने कहा कि जो काम मोहन यादव ने किया शिवराज सिंह चौहान भी कर सकते थे लेकिन नहीं किया क्योंकि भ्रष्टाचार का पूरा पैसा हजम करना था, उन्होंने कहा जिन नेताओं और अधिकारियों ने इंदौर शहर को बर्बाद करने, जनता को परेशान करने और उसकी गाढ़ी कमाई को बर्बाद करने BRTS बनाने में सहयोग किया अब उनसे इस पैसे की वसूली की जानी चाहिए।

इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट