संदीप कुमार/जबलपुर। हाईकोर्ट ने पंचायतों के परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिकाएं ख़ारिज कर दी है जिससे राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। HC ने पाया कि पंचायतों का परिसीमन कानून के दायरे में किया गया है और दावा आपत्तियों की सुनवाई के बाद ही पंचायतों के परिसीमन की अधिसूचना जारी की गई। पंचायतों के परिसीमन में प्रक्रियागत खामी ना पाने पर HC ने ये याचिकाएं खारिज की हैै। आपको बता दें कि पंचायतों के परिसीमन में सही प्रक्रिया का पालन ना करने का आरोप लगाते हुए ये याचिकाएं दायर की गई थी।
HC के इस फैसले से राज्य सरकार को बड़ी राहत
Written by:Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






