Hindi News

पूर्व RTO आरक्षक सौरभ शर्मा को बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने अस्थायी जमानत देने से किया इनकार, पढ़ें पूरी खबर

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Shyam Dwivedi
Last Updated:
पूर्व आरटीओ आरक्षक सौरभ शर्मा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनको अस्थाई जमानत की खाचिका को खारिज कर दिया है। सौरभ ने पत्नी की सर्जरी और बच्चों की देखभाल का हवाला देते हुए 60 दिन की जमानत अर्जी दायर की थी।

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित आरटीओ भ्रष्टाचार एवं मनी लॉन्ड्रिंग मामले के मुख्य आरोपी पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की अस्थायी (टेंपरेरी) जमानत को लेकर अपडेट सामने आया है। सौरभ शर्मा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को जबलपुर हाईकोर्ट ने उनकी अस्थायी जमानत अर्जी को खारिज करते हुए राहत देने से इनकार कर दिया है।

बता दें कि इससे पहले बुधवार को हाईकोर्ट में अस्थायी जमानत पर पूरी सुनवाई हुई थी। जिसके बाद जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। सौरभ शर्मा ने पत्नी की सर्जरी और बच्चों की देखभाल का हवाला देते हुए 60 दिन की जमानत अर्जी दायर की थी।

सौरभ शर्मा अब जेल में ही रहेंगे। केवल हाईकोर्ट ने सौरभ शर्मा की अर्जी को खारिज नहीं किया बल्कि इसस पूर्व भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। इसके बाद हाईकोर्ट ने भी नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद सौरभ ने अस्थायी जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी।

सौरभ शर्मा ने जमानत याचिका में क्या कहा?

सौरभ शर्मा ने अपनी जमानत याचिका में पत्नी दिव्या तिवारी गंभीर बीमारी का हवाला दिया था। याचिका के अनुसार, सौरभ की पत्नी को डिविएटेड नेजल सेप्टम क्रॉनिक साइनसिस्टम और नॉक से संबंधित गंभीर बीमारी है जिसके कारण चिकित्सकों ने डॉक्टर ने फंक्शनल एंडोस्कोपी साइनस सर्जरी की सलाह दी है।

इतना ही नहीं याचिका में यह भी कहा गया कि जैसे ही उनकी पत्नी का ऑपरेशन होगा उसके बाद देखभाल के लिए पति यानि सौरभ की मौजूदगी होना जरूरी है। जमानत याचिका में कहा गया था कि आरोपी सौरभ के दो नाबालिग बच्चे, अमीर और सुबीर, पूरी तरह अपने माता-पिता पर निर्भर हैं। उसकी पत्नी अस्पताल में भर्ती है और सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया से गुजर रही है। ऐसे में बच्चों की देखभाल करने के लिए परिवार में कोई अन्य जिम्मेदार सदस्य उपलब्ध नहीं है। इसी मानवीय आधार पर आरोपी को 60 दिनों की अस्थायी जमानत प्रदान करने की मांग की गई थी।

RTO भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्य आरोपी है सौरभ शर्मा

गौरतलब है कि सौरभ शर्मा मध्य प्रदेश के चर्चित आरटीओ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्य आरोपी हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, एक कार से 11.60 करोड़ रुपये नकद और करीब 51.893 किलोग्राम सोना बरामद किया गया था, जिसकी अनुमानित कीमत 40 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

इसके अलावा उनके ठिकानों से भी करोड़ों रुपये की नकदी बरामद होने का दावा किया गया था। अदालत में दी गई जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) अब तक सौरभ शर्मा की लगभग 108.24 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को जब्त, फ्रीज या अटैच कर चुका है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
Follow Us :GoogleNews