भगवान श्रीकृष्ण और भगवान शिव को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी के विवादित बयान पर मध्य प्रदेश में विरोध लगातार बढ़ रहा है। दरअसल जबलपुर में हिंदू संगठनों के साथ मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने भी कार्रवाई की मांग उठाई, जबकि इंदौर में कांवड़ियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने थाने का घेराव कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस का कहना है कि शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल जबलपुर में विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ता बेलबाग थाने पहुंचे और मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। संगठन का कहना है कि कथित बयान से बड़ी संख्या में लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मुस्लिम समाज के लोगों ने भी जताया विरोध
दरअसल जबलपुर में इस मामले को लेकर केवल हिंदू संगठनों ने ही नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने भी कथित बयान की आलोचना की। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नगर महामंत्री मुज़म्मिल अली ने कहा कि किसी भी धर्म या आस्था का अपमान करने वाले बयान समाज में तनाव पैदा करते हैं और ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश युवा अध्यक्ष विकास कुमार खरे ने कहा कि सावन के पवित्र महीने में इस तरह की टिप्पणी से लोगों में नाराजगी बढ़ी है। संगठन ने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपा। बेलबाग थाना पुलिस ने शिकायत प्राप्त करने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल किसी भी पक्ष की शिकायत पर जांच जारी है और पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
इंदौर में भी प्रदर्शन हुआ
बता दें कि जबलपुर के साथ-साथ इंदौर में भी इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। चंदन नगर थाना क्षेत्र में अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार के नेतृत्व में कांवड़ियों और हिंदू समाज के लोगों ने चंदन नगर थाने का घेराव कर मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कथित बयान से करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी भी की गई और चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इस मामले में एसीपी शिवेंद्र जोशी ने बताया कि पुलिस को शिकायत आवेदन और संबंधित वीडियो उपलब्ध कराया गया है।
पूर्व डीजी ने बताया शिव का सत्य
वहीं, इस पूरे विवाद के बीच मध्य प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव ने भी सार्वजनिक रूप से भगवान शिव के स्वरूप और सनातन परंपरा पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि शिव को सनातन परंपरा में अनादि, अनंत और अजन्मा माना गया है तथा शिव और शक्ति को अलग नहीं देखा जा सकता।






