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आयुध निर्माणी खमरिया को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल में दी फैक्ट्री में ब्लास्ट करने की चेतावनी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Atul Saxena
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एएसपी जितेंद्र सिंह का कहना है कि मेल को पुलिस ने गंभीरता से लिया है चैकिंग की जा रही है उनका कहना है कि ईमेल के सोर्स की बारीकी से जानकारी जुटाई जा रही है।
आयुध निर्माणी खमरिया को बम से उड़ाने की धमकी,  ईमेल में दी फैक्ट्री में ब्लास्ट करने की चेतावनी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Ordnance Factory Khamaria Jabalpur

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित आयुध निर्माणी खमरिया को धमकी भरा ईमेल भेजा गया है मेल में फैक्ट्री को बम से फैक्ट्री को उड़ाने की चेतावनी दी गई है ।जानकारी लगते ही आयुध निर्माणी खमरिया फैक्ट्री में अलर्ट जारी किया गया। सूचना पर जबलपुर पुलिस भी हरकत में आई, और फौरन फैक्ट्री के आसपास सर्चिंग शुरू की गई। हालांकि फैक्ट्री प्रबंधन किसी भी सर्चिंग से इंकार कर रहा है और इसे मॉकड्रिल बता रही है।

एडिशनल एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि आयुध निर्माणी खमरिया के ऑफिशियल ईमेल पर 22 दिसंबर को रात 10:45 बजे मेल आया जिसमें मंगलवार 23 दिसंबर को दोपहर में फैक्ट्री में बलास्ट करने की चेतवनी दी गई। जानकारी मिलते ही फैक्ट्री का सुरक्षा विभाग अलर्ट हो गया और फैक्ट्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई। इसकी सूचना पुलिस को ही दी गई।

पुलिस ने मेल को गंभीरता से लिया, जुटा रही जानकारी

एएसपी जितेंद्र सिंह का कहना है कि मेल को पुलिस ने गंभीरता से लिया है चैकिंग की जा रही है उनका कहना है कि ईमेल के सोर्स की बारीकी से जानकारी जुटाई जा रही है। इधर फैक्ट्री का सुरक्षा विभाग फिलिंग सेक्शन जहां गोला बारूद बनाए जाते है, वहां भी छानबीन की गई। आज दिनभर फैक्ट्री में सर्चिंग की गई इसमें डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली गई।

फैक्ट्री प्रबंधन इसे मॉकड्रिल बता रहा

बता दें कि तमिलनाडु से आए इस धमकी भरे ईमेल में इटारसी और जबलपुर की फैक्ट्री को उड़ाने की धमकी मिली थी। हालांकि सर्चिंग के दौरान अभी तक कुछ भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। फिर भी पुलिस आउट अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं, हालांकि फैक्ट्री प्रबंधन इसे सर्चिंग नहीं मॉकड्रिल बता रहा है।

संदीप कुमार की रिपोर्ट

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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