जबलपुर में स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (Rani Durgavati University) ने डिग्री और मार्कशीट में “इंडिया” को हटाकर “भारत” शब्द लिखने का ऐलान किया है। यह कदम यूनिवर्सिटी ने रविवार को आयोजित होने वाला दीक्षांत समारोह से पहले उठाया है, जिसका हिस्सा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी बनने वाली हैं। विश्वविद्यालय पहली बार पोस्टर, बैनर, उपाधियों, प्रमाण पत्रों और पदकों पर यह बदलाव लागू करने जा रहा है। संस्थान ने इसे भारतीय संस्कृति, साख और राष्ट्रीय गौरव को सम्मान देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया है।
यह बदलाव एग्जिक्यूटिव काउंसिल द्वारा प्रस्ताव पारित होने के बाद लागू किया गया है। यूनिवर्सिटी ने यह फैसला भी लिया है कि कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मुर्मु को औपचारिक रूप से “प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया” के बजाय “प्रेसिडेंट ऑफ भारत” रूप में संबोधित किया जाएगा। कुलगुरु राजेश वर्मा ने बताया कि यह कदम संविधान के आर्टिकल 1(1) के तहत उठाया है, जो “India That is Bharat” कहता है।
रविवार को दीक्षांत समारोह
21 जून को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह का आयोजन होने वाला है। मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल होंगी। इस कार्यक्रम के दौरान 240 स्वर्ण पदकों का वितरण होगा। 182 छात्रों को पीएचडी उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इस कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल और विश्वविद्यालय की कुलाधिपति मंगुभाई पटेल भी शामिल होंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित होंगे।
इन विश्वविद्यालयों ने भी लिया “भारत” शब्द के इस्तेमाल का फैसला
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई विश्वविद्यालयों ने “India” के स्थान पर “भारत” शब्द का इस्तेमाल डिग्री, मार्कशीट, पोस्टर, बैनर, आधिकारिक पत्राचार, आमंत्रण और साइन बोर्ड पर करने का फैसला लिया है। इसमें देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, गुरु घसीदास विश्वविद्यालय शामिल और मानसिंह तोमर म्यूजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी शामिल हैं। इन विश्वविद्यालयों ने बदलाव को लागू करने के लिए प्रस्ताव पारित किए गए हैं।






