मध्य प्रदेश के जबलपुर को संस्कारधानी कहा जाता है लेकिन दो दिन पहले जबलपुर के रेलवे स्टेशन में जो घटना हुई है वह कहीं ना कहीं संस्कारधानी को शर्मसार करने वाली है। जबलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर एक वेंडर ने यात्री की कॉलर पकड़कर उससे जबरन उसकी घड़ी सिर्फ इसलिए छीन ली कि उसने दो समोसे खरीदने के बाद यूपीआई से पेमेंट किया पर वह नहीं हो पाया। गाड़ी चलने लगी तो वहां पर मौजूद वेंडर ने उसके पहले तो मारपीट की और फिर कॉलर पकड़ते हुए उसकी घड़ी जबरन छीन ली।

वेंडर के खिलाफ कानूनी कार्यवाही, लाइसेंस निरस्त

मजबूर यात्री अपनी कीमती घड़ी देकर वहां से चला गया लेकिन रेलवे स्टेशन में मौजूद एक यात्री ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर न सिर्फ सोशल मीडिया में वायरल किया बल्कि रेल मंत्रालय के एक्स हैंडल पर भी पोस्ट किया। मामले को संज्ञान में लेते हुए जबलपुर डीआरएम ने तुरंत ही वेंडर के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करते हुए उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया साथ ही सभी वेंडर को हिदायत भी दी गई है, कि अगर यात्री के साथ किसी भी तरह की अभद्रता की जाती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दे कि यह वीडियो 17 अक्टूबर की शाम तकरीबन साडे 5 बजे का बताया जा रहा है।

ये है पूरा मामला

प्लेटफार्म नंबर पांच पर जैसे ही ट्रेन आकर रूकती है, तभी यात्री प्लेटफार्म पर आकर खड़े हो जाते हैं इस दौरान एक यात्री वहां पर मौजूद वेंडर से दो समोसे खरीदता है, और स्कैनर पर यूपीआई के जरिए पेमेंट करने लगता है, इसी दौरान ट्रेन चलने लगती है, जल्दबाजी में यात्री वहां से जैसे ही चलने को आगे बढ़ता है, तभी वेंडर उसकी कॉलर पकड़कर जबरन उसे यह कहते हुए पैसे मांगता है कि यूपीआई में जो पेमेंट की गई है, वह है फेल हो गई है, इसके बाद ट्रेन चलती रहती है और जल्दबाजी में वेंडर यात्री से दो समोसे के बदले उसकी घड़ी उतरवा लेता है। बहरहाल जबलपुर में हुई है घटना न सिर्फ रेल मंत्रालय बल्कि रेलवे के उन अधिकारियों के लिए भी शर्मनाक है जो कि इस तरह के वेंडर को लाइसेंस देकर यात्रियों के बीच खड़ा करते हैं।