MP Breaking News
Google पर फॉलो करें

मालियों का सबसे बड़ा सीक्रेट, लौकी की बेल में मिला दें ये 2 चीज़ें, 99% मिलेगा फायदा

जिन भी लोगों को घर में या फिर अपने गार्डन में सब्ज़ियां लगाने का शौक़ होता है वे लोग लौकी की बेल ज़रूर लगाते हैं, और लगाए भी क्यों न क्योंकि लौकी को सबसे ज़्यादा पौष्टिक सब्ज़ी माना जाता है।
Bottle Gourd

अक्सर लोग ऐसा कहते हुए नज़र आते हैं कि लौकी की बेल (Bottle Gourd) तो बहुत बढ़ जाती है पत्ते भी हरे भरे दिखाई देते हैं लेकिन फल आते ही नहीं। ऐसे में लोग बाज़ार में मिलने वाले महंगे-महंगे फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या इन फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल करना सही है, मान लीजिए कि अगर इन फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करने से फल आते भी हैं, तो क्या वे हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं? इसलिए क्यों ना सुरक्षित तरीक़े से लौकी की पैदावार बढ़ायी जाए।

हम आपको बताना चाहते हैं कि लौकी की पैदावार बढ़ाने के लिए आपको किसी भी तरह के महंगे फर्टिलाइजर की आवश्यकता नहीं है, आपको कुछ मामूली चीज़ों का ध्यान रखना होगा, जैसे पानी कितना देना है और किस समय देना है, कितनी धूप लगनी चाहिए, मिट्टी में पोषक तत्व है या नहीं? अगर आप इन चीज़ों का ध्यान रखेंगे, तो बेल लौकी से भर जाएगी।

लौकी की बेल का कंटेनर कैसा होना चाहिए (Bottle Gourd)

लौकी उगाना अक्सर इसलिए मुश्किल लगता है क्योंकि हम इसके आकार और जड़ों की प्रकृति को समझे बिना ही इसे छोटे गमले में लगा देते हैं। लौकी की बेल को अधिक पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है, और छोटे गमले में इसकी जड़ों को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है।

इसलिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कि आप इस कंटेनर में लौकी की बेल उगा रहे हैं इस बात का ध्यान रखें। अक्सर देखा जाता है कि लोग 10-12 इंच की गमले का प्रयोग करते हैं, लेकिन लौकी की बेल के लिए कम से कम 18-24 इंच का गमला या फिर कंटेनर होना चाहिए, जिससे की लौकी की जड़ों को पहले मेरी मदद मिले और पर्याप्त नमी बनाए रखने के लिए भी जगह मिल सके।

मिट्टी की तैयारी

बेल वाली सब्ज़ियों के लिए मिट्टी ऐसी होनी चाहिए जो न तो पानी रोकी और न ही बहुत पानी जल्दी से सूख जाए। मिट्टी की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए आपको सही मिश्रण करना ज़रूरी है। साधारण मिट्टी 50 प्रतिशत होनी चाहिए, खाद या वर्मी कम्पोस्ट 30 प्रतिशत होना चाहिए, कोको पीट या रेत 20 प्रतिशत होनी चाहिए। इस तरह से तैयार की गई मिट्टी लौकी की बेल के लिए उत्तम मानी जाती है, क्योंकि यह जड़ों को हवा और पानी दोनों का सही बैलेंस देती है।

लौकी की बेल में ज़्यादा फल पाने के लिए दो आसान घरेलू नुस्खे

1. नीम खली

नीम खली एकदम जादू की तरह काम करती है! यह सिर्फ कीटों को भगाती नहीं है, बल्कि आपकी लौकी की बेल के लिए एक दमदार ऑर्गेनिक खाद भी है। इसमें NPK (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम) धीरे-धीरे रिलीज़ होता है, यानी आपकी बेल को लम्बे समय तक ताक़त मिलती रहती है। जब आप बीज बोने के लिए मिट्टी तैयार करें, तो 18 इंच के गमले में लगभग 4 चम्मच नीम खली मिट्टी में अच्छे से मिला दें। इससे पौधा बीमारी-मुक्त शुरू होता है। एक बार जब बेल पर फूल आने लगें, तो हर डेढ़-दो महीन में बस थोड़ी सी खली गमले की ऊपर की मिट्टी पर फैलाएँ, हल्की सी गुड़ाई करें, और पानी डाल दें।

2. लकड़ी की राख

घर में लकड़ी या कंडे जलाने से जो राख बचती है, वह लौकी की बेल के लिए किसी अमृत से कम नहीं है! खासकर जब आपको खूब सारे और बड़े फल चाहिए हों। लौकी को भर-भर के फल देने के लिए सबसे ज्यादा पोटैशियम चाहिए होता है, और राख इसका सबसे सस्ता और बेहतरीन स्रोत है। पोटैशियम से फल का आकार बढ़ता है, और फूल झड़ते नहीं हैं। जब पौधा एक महीने का हो जाए और फूल दिखना शुरू हो जाएं, तब हर 30 दिन में बस एक छोटा चम्मच राख लें।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews
मालियों का सबसे बड़ा सीक्रेट, लौकी की बेल में मिला दें ये 2 चीज़ें, 99% मिलेगा फायदा