गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग अपने घरों में नए पौधे लगाने लगते हैं। हरे-भरे पौधे न केवल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं बल्कि वातावरण को भी ठंडा और शुद्ध बनाने में मदद करते हैं। खासकर फूलों वाले पौधे घर की बगिया को और भी आकर्षक बना देते हैं। इन्हीं फूलों वाले पौधों में हरसिंगार का पौधा भी काफी लोकप्रिय है।
हरसिंगार को पारिजात के नाम से भी जाना जाता है। इसके सफेद और नारंगी रंग के छोटे-छोटे फूल बेहद सुंदर और सुगंधित होते हैं। हालांकि कई लोगों की शिकायत रहती है कि उनका हरसिंगार का पौधा हरा-भरा तो रहता है लेकिन उसमें फूल नहीं आते। ऐसे में एक आसान घरेलू उपाय आपकी मदद कर सकता है। केले के छिलके का सही तरीके से उपयोग करके हरसिंगार के पौधे में भरपूर फूल लाए जा सकते हैं।
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हरसिंगार के पौधे में फूल क्यों नहीं आते
कई बार पौधा स्वस्थ दिखने के बावजूद उसमें फूल नहीं आते। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे बड़ा कारण मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी होना होता है। पौधों को सही मात्रा में पोटैशियम, फॉस्फोरस और अन्य खनिज तत्वों की जरूरत होती है।
अगर पौधे को पर्याप्त धूप नहीं मिलती या मिट्टी की गुणवत्ता खराब होती है तो भी फूल आने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। कई बार ज्यादा पानी देने से जड़ों में सड़न होने लगती है और पौधा कमजोर हो जाता है। ऐसे में पौधे को सही पोषण देना बेहद जरूरी होता है।
केले का छिलका क्यों है पौधों के लिए फायदेमंद
केले का छिलका पौधों के लिए प्राकृतिक खाद की तरह काम करता है। इसमें पोटैशियम, फॉस्फोरस और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो पौधों की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करते हैं।
पोटैशियम पौधों की जड़ों को मजबूत बनाता है और फूलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा केले के छिलके मिट्टी की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाते हैं। जब छिलके मिट्टी में मिल जाते हैं तो वे धीरे-धीरे सड़कर पौधे को जरूरी पोषण देने लगते हैं। इसी वजह से कई गार्डनिंग एक्सपर्ट और घरेलू बागवानी करने वाले लोग पौधों के लिए केले के छिलकों का इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।
हरसिंगार के पौधे में ऐसे करें केले के छिलके का इस्तेमाल
हरसिंगार के पौधे में केले के छिलकों का उपयोग करना बेहद आसान है। इसके लिए सबसे पहले केले के छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसके बाद पौधे की जड़ों के आसपास की मिट्टी को हल्का सा खोद लें। अब इन छिलकों को उसी मिट्टी में दबाकर ऊपर से मिट्टी से ढक दें। कुछ दिनों में ये छिलके सड़कर मिट्टी में मिल जाएंगे और पौधे को पोषण देने लगेंगे। यह तरीका पूरी तरह प्राकृतिक है और पौधे के लिए सुरक्षित भी है। नियमित रूप से इस उपाय को करने से पौधे की ग्रोथ बेहतर होती है और फूल आने की संभावना भी बढ़ जाती है।
केले के छिलकों का पानी भी है फायदेमंद
केले के छिलकों का पानी भी पौधों के लिए काफी लाभदायक माना जाता है। इसके लिए केले के छिलकों को दो से तीन दिनों तक पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद उस पानी को पौधों की जड़ों में डाल दें। यह पानी पौधों के लिए एक तरह का प्राकृतिक पोषक घोल बन जाता है। इससे पौधे को अतिरिक्त पोषण मिलता है और फूलों की संख्या बढ़ने में मदद मिलती है।
हरसिंगार के पौधे की देखभाल के जरूरी टिप्स
अगर आप चाहते हैं कि हरसिंगार का पौधा स्वस्थ रहे और उसमें भरपूर फूल आएं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले पौधे को ऐसी जगह रखें जहां उसे रोजाना 5 से 6 घंटे तक धूप मिल सके। धूप पौधों के विकास के लिए बहुत जरूरी होती है। पानी देने में भी सावधानी रखें। पौधे को तभी पानी दें जब मिट्टी सूखी लगे। ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं। समय-समय पर पौधे की कमजोर या सूखी टहनियों को काटते रहें। इससे नई शाखाएं निकलती हैं और पौधा मजबूत बनता है। इसके अलावा हर 10 से 15 दिनों में मिट्टी को हल्का सा खोद देना चाहिए। इससे मिट्टी में हवा का संचार बेहतर होता है और पौधे की जड़ों को ऑक्सीजन मिलती है।