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गुड़हल में नहीं आ रहे फूल? अब डालिए ये 4 देसी खाद, हर शाख पर खिलेंगी कलियां

Written by:Bhawna Choubey
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गुड़हल का पौधा सिर्फ हरा-भरा हो तो क्या फ़ायदा? असली ख़ूबसूरती तो फूलों में होती है! अगर आपके पौधे में भी फूल नहीं आ रहे हैं, तो अब परेशान होने की ज़रूरत नहीं। जानिए 4 देसी खाद जो हर डाल पर फूलों की बहार ला देंगी और वो भी बिना केमिकल्स के।
गुड़हल में नहीं आ रहे फूल? अब डालिए ये 4 देसी खाद, हर शाख पर खिलेंगी कलियां

गुड़हल का पौधा हर आंगन की शान होता है, ना सिर्फ इसकी चमकीली पत्तियां और लाल रंग के फूल, बल्कि इसका धार्मिक महत्व भी इसे खास बनाता है। लेकिन कई लोग परेशान रहते हैं कि पौधा बढ़ तो रहा है, मगर फूल नहीं आ रहे। असली वजह अक्सर मिट्टी की सेहत और खाद की कमी होती है।

अगर आपके घर का गुड़हल सिर्फ पत्तियां उगा रहा है, लेकिन फूलों के नाम पर कुछ नहीं… तो इसका मतलब है कि उसे सही पोषण नहीं मिल रहा। महंगे फर्टिलाइज़र की जरूरत नहीं, कुछ घरेलू चीज़ें ही आपके पौधे को ज़रूरी ताकत दे सकती हैं। इस लेख में जानिए, ऐसी ही 3 देसी खादों के बारे में जो गुड़हल को बना देंगी फूलों से लबालब।

देसी खादों से गुड़हल में आएंगी भर-भर के कलियां

गुड़हल के पौधे को ज्यादा फूल देने के लिए आपको महंगी-केमिकल वाली खाद की ज़रूरत नहीं है। किचन में मौजूद चीज़ों से ही आप ऐसा पोषण दे सकते हैं, जिससे हर डाली पर फूल नजर आएंगे।

1. केले के छिलके की खाद

केले के छिलकों में पोटैशियम और फॉस्फोरस भरपूर होता है, जो पौधों में फूल आने की प्रक्रिया को तेज करता है। छिलकों को पहले अच्छी तरह सुखा लें, फिर पीसकर महीनों में एक बार मिट्टी में मिलाएं। यह प्राकृतिक खाद फूलों की संख्या और रंगत बढ़ाने में मदद करती है।

2. चाय पत्ती की खाद

बची हुई चायपत्ती फेंकने की बजाय पौधों के लिए उपयोग करें। इसमें नाइट्रोजन होता है जो पौधों की पत्तियों को हरा-भरा बनाए रखता है। चायपत्ती को धोकर अच्छी तरह सूखा लें और हर 10–15 दिन में मिट्टी में मिलाएं। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।

3. गोबर की खाद

गोबर की खाद सबसे पुरानी और असरदार जैविक खाद मानी जाती है। इसमें ज़रूरी माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो पौधों की जड़ों को मज़बूती देते हैं। यह फूलों की गुणवत्ता और संख्या दोनों बढ़ाने में मददगार है। इसे मिट्टी में मिलाकर पौधे की ग्रोथ बेहतर करें।

फूलों की कमी के पीछे छिपे ये कारण भी जान लीजिए

1. सूरज की रोशनी: गुड़हल को कम से कम 5–6 घंटे की तेज धूप चाहिए। यदि पौधा छांव में है, तो फूल आना मुश्किल हो जाएगा।

2. ज़रूरत से ज़्यादा पानी: अधिक पानी से जड़ें सड़ सकती हैं। हफ्ते में 2–3 बार पानी देना काफी होता है, वो भी तब जब मिट्टी सूखी हो।

3. नियमित कटाई नहीं करना: पौधे की समय-समय पर छंटाई जरूरी है ताकि नई कलियाँ निकल सकें। बिना कटाई के पौधा फैलता रहेगा लेकिन फूल नहीं देगा।

4. मिट्टी की खराब क्वालिटी: मिट्टी अगर बहुत भारी या पानी रोकने वाली हो तो भी जड़ें खराब हो जाती हैं। ऐसे में रेत और खाद मिलाकर मिट्टी को हल्का बनाएं।

विशेषज्ञ का क्या कहना है ?

पौध विशेषज्ञ कहते हैं, “गुड़हल सिर्फ सजावटी नहीं, एक संवेदनशील पौधा है जिसे वक्त और देखभाल दोनों चाहिए। लोग बस पानी डालते हैं, पर असली बात है पोषण की। देसी खाद न केवल फूल बढ़ाती है, बल्कि पौधे की उम्र भी बढ़ाती है।” उनका सुझाव है कि हर मौसम में पौधे की ज़रूरतें बदलती हैं, गर्मियों में अधिक पानी, लेकिन मानसून में कम। खाद भी मौसम के अनुसार देनी चाहिए।

 

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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