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MP में “हम होंगे कामयाब पखवाड़ा” की शुरुआत, बेटा-बेटी के बीच भेदभाव को समाप्त करना मुख्य उद्देश्य, CM यादव ने की ये अपील

Written by:Sanjucta Pandit
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पखवाड़े के पहले दिन राज्य स्तर पर 2 दिवसीय जेंडर संवेदीकरण कंसल्टेशन कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें सभी जिलों के संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी वर्चुअली शामिल होंगे।
MP में “हम होंगे कामयाब पखवाड़ा” की शुरुआत, बेटा-बेटी के बीच भेदभाव को समाप्त करना मुख्य उद्देश्य, CM यादव ने की ये अपील

“Hum Honge Kamyab Pakhwada” in MP : मध्य प्रदेश में आज से “हम होंगे कामयाब पखवाड़ा” की शुरुआत की गई है, जो 25 नवंबर से 10 दिसंबर 2024 तक चलेगा। जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। इसके लिए सभी जिलों में तरह-तरह के जागरुकता अभियान भी चलाए जाएंगे। इसके अलावा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, बच्चों की देखभाल करने वाले संस्थानों के कर्मचारी, वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, और महिला डेस्क के कर्मियों के लिए वेबिनार आयोजित किए जाएंगे। जिसमें महिलाओं को उनके अधिकारों के हित में जागरुक किया जाएगा।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बेटा और बेटी के बीच भेदभाव को समाप्त करना, समाज और परिवार में महिलाओं के खिलाफ हो रहे शोषण को रोकना है।

CM यादव ने की ये अपील

“हम होंगे कामयाब पखवाड़ा” को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी देते हुए कहा, “महिलाओं का सम्मान केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इसलिए पखवाड़ा मनाया जा रहा है, ताकि पुरुष अपनी सोच और व्यवहार में बदलाव लाकर समाज में फैले नकारात्मक दृष्टिकोण को चुनौती दे सके। इसके लिए जन्म से ही अपने घर में लड़कों को सिखाना होगा कि वह हर बेटी और महिलाओं का सम्मान करें। उनके साथ किसी तरह के शारीरिक शोषण या हिंसा न हो। परिवार और समाज में समानता का माहौल बनाकर बेटे-बेटी के बीच भेदभाव समाप्त करें। महिलाओं का समाज, सरकार और कानून सभी का समान रूप से योगदान आवश्यक है, तभी एक बेहतर समाज का निर्माण हो पाएगा।”

CM ने आगे कहा, यदि किसी महिला को किसी प्रकार की सहायता की जरुरत हो, वह तुरंत चाइल्डलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 या फिर डायल 100 पर संपर्क करके मदद ले सकती है। इसलिए हम अपील करते हैं कि ज्यादा-से-ज्यादा हिस्सा लेकर कार्यक्रम को सफल बनाएं”

लोगों को किया जाएगा जागरूक

पखवाड़े के पहले दिन राज्य स्तर पर 2 दिवसीय जेंडर संवेदीकरण कंसल्टेशन कार्यक्रम का आयोजन होगा, जिसमें सभी जिलों के संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी वर्चुअली शामिल होंगे। वहीं, दूसरे दिन युवाओं के साथ “जेंडर आधारित हिंसा” और “जेंडर आधारित हिंसा का मनोवैज्ञानिक प्रभाव” विषय पर चर्चा की जाएगी। पखवाड़े के तीसरे दिन यानी 27 नवंबर को जिला, विकासखंड और ग्रामीण स्तर पर बाल विवाह निषेध पर वेबीनार और सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान लोगों को बाल विवाह मुक्त भारत की प्रतिज्ञा दिलवाई जाएगी। इसके अलावा, महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर, SHE BOX पोर्टल, पोक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा और बाल विवाह निषेध जैसे प्रमुख कानूनों का प्रचार-प्रसार बड़े स्तर पर किया जाएगा, ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके।

अंतिम दिन समापन कार्यक्रम होगा आयोजित

आज से लेकर पूरे 15 दिन चलने वाले पखवाड़े के दौरान काव्य प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, सामुदायिक चर्चाएं, पीसी, पीएनडीटी एक्ट पर रैलियां, घरेलू हिंसा पर रिपोर्टिंग, महिलाओं के लिए साइबर सुरक्षा पर कार्यशालाएं, पॉजिटिविटी मैस्क्युलिनिटी पर समुदाय में जागरूकता अभियान आदि चलाए जाएंगे। इसके अंतिम दिन राज्य स्तरीय समापन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। वहीं, सभी जिलों के अधिकारी वर्चुअल शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाएंगे।

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
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