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MP में बड़ा झटका! 126 प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान योजना से बाहर, अब फ्री इलाज बंद

Written by:Bhawna Choubey
Published:
मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना से 126 निजी अस्पतालों की संबद्धता रद्द, अब यहां मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा। एनएबीएच सर्टिफिकेट नहीं देने पर लिया गया सख्त फैसला।
MP में बड़ा झटका! 126 प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान योजना से बाहर, अब फ्री इलाज बंद

मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना को लेकर एक बड़ा और सख्त फैसला लिया गया है। प्रदेश के 126 निजी अस्पतालों को इस योजना से बाहर कर दिया गया है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था में हलचल तेज हो गई है। इस फैसले के बाद अब इन अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाला मुफ्त इलाज बंद हो जाएगा।

इस कार्रवाई के बाद न सिर्फ अस्पताल संचालकों में चिंता बढ़ी है, बल्कि मरीजों के बीच भी सवाल उठने लगे हैं। जिन लोगों को अब तक इन अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिलता था, उन्हें अब दूसरी जगह तलाश करनी पड़ेगी।

आयुष्मान योजना से 126 अस्पताल बाहर

मध्यप्रदेश के आयुष्मान कार्यालय ने यह कार्रवाई एनएबीएच (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) सर्टिफिकेट से जुड़ी जानकारी नहीं देने के कारण की है। जिन अस्पतालों ने समय पर यह प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराया, उनकी योजना से संबद्धता रद्द कर दी गई।

यह सर्टिफिकेट अस्पतालों की गुणवत्ता और मानकों को दर्शाता है। जब अस्पताल इस जरूरी दस्तावेज को प्रस्तुत नहीं कर पाए, तो उनके खिलाफ यह सख्त कदम उठाया गया। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार अब स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहती।

भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में असर

यह सभी 126 अस्पताल प्रदेश के चार प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में संचालित हैं। इन शहरों में आयुष्मान योजना के तहत बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। इन अस्पतालों के बाहर होने से मरीजों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि बाकी अस्पतालों में सेवाएं जारी रहेंगी, जिससे मरीजों को ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।

पहले दिया गया था मौका, लेकिन नहीं मिला जवाब

आयुष्मान कार्यालय के अधिकारियों को इन अस्पतालों के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद अस्पतालों को नोटिस जारी कर सुधार का मौका दिया गया और तय समय में जवाब मांगा गया। इसके बावजूद कई अस्पतालों ने न तो जवाब दिया और न ही जरूरी दस्तावेज जमा किए। यही कारण रहा कि आखिरकार उनके खिलाफ यह कड़ा फैसला लिया गया। इससे यह भी साफ होता है कि प्रशासन अब नियमों को लेकर सख्ती बरत रहा है।

प्रदेश में कितने अस्पताल जुड़े हैं

मध्यप्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत चार बड़े शहरों में कुल 398 निजी अस्पताल इंपैनल्ड हैं। इनमें से 126 अस्पतालों को बाहर कर दिया गया है, जो एक बड़ा हिस्सा है। इस कार्रवाई के बाद बाकी अस्पतालों के लिए भी यह एक चेतावनी है कि वे समय पर अपने दस्तावेज और मानकों को पूरा रखें। इससे पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार आने की संभावना है।

 

 

Bhawna Choubey
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मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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