भोपाल. मंगलवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के लिए खजाना खोल दिया गया। सरकार ने एक झटके में करीब 33,240 करोड़ रुपये की कल्याणकारी योजनाओं को हरी झंडी दे दी। इस भारी-भरकम रकम का सीधा असर प्रदेश के युवाओं, छोटे जिलों के कारीगरों, ग्रामीण इलाकों और बिजली व्यवस्था पर पड़ेगा।

फैसलों की फेहरिस्त लंबी है, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार ने अगले 5 साल के लिए विकास का एक रोडमैप तैयार करने की कोशिश की है। इसमें युवाओं को सरकार के साथ काम करने के मौके से लेकर स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्लान शामिल है।

युवाओं के लिए ‘गुड-गवर्नेंस’ का मौका

सरकार ने “मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड-गवर्नेंस प्रोग्राम” को मंजूरी दे दी है। अगले 3 साल के लिए इस पर 190 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस प्रोग्राम के तहत युवाओं को सरकारी कामकाज और योजनाओं को जमीन पर उतारने का सीधा अनुभव मिलेगा। यह एक तरह से युवाओं को प्रशासन की नर्सरी में तैयार करने की कवायद है।

7 जिलों के हुनर को मिलेगी नई पहचान

“एक जिला-एक उत्पाद” (ODOP) योजना के तहत 7 जिलों के लिए 37.50 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मंजूर किया गया है। इसका मकसद स्थानीय कारीगरों और उनके हुनर को बचाना और बढ़ाना है। इस योजना में शामिल हैं:

  • सीधी: दरी और कारपेट
  • दतिया: गुड़
  • अशोकनगर: चंदेरी हैंडलूम
  • भोपाल: जरी-जरदोजी और जूट उत्पाद
  • धार: बाग प्रिंट
  • सीहोर: लकड़ी के खिलौने
  • उज्जैन: बटिक प्रिंट

इस पैसे से कारीगरों को ट्रेनिंग, ब्रांडिंग और बाजार मुहैया कराने में मदद की जाएगी, ताकि उनके उत्पाद सिर्फ स्थानीय मेलों तक सीमित न रहें।

छोटे शहरों में स्वास्थ्य और न्याय की दस्तक

बड़े शहरों के साथ-साथ अब छोटे औद्योगिक कस्बों पर भी ध्यान दिया गया है। मैहर, कटनी के कैमोर और खरगोन के निमरानी में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के 3 नए औषधालय खुलेंगे। इसके लिए डॉक्टर और स्टाफ के 51 नए पद भी बनाए गए हैं। इस फैसले से इन इलाकों के करीब 15,686 रजिस्टर्ड मजदूरों और उनके 62 हजार से ज्यादा परिजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा, सिंगरौली के चितरंगी में एक नया व्यवहार न्यायालय स्थापित किया जाएगा। इसके लिए एक जज समेत कुल 7 पदों को मंजूरी दी गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर न्याय प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

ग्रामीण विकास और उद्योगों पर भी फोकस

कैबिनेट ने सिर्फ नई योजनाओं पर ही मुहर नहीं लगाई, बल्कि पुरानी योजनाओं को रफ्तार देने के लिए भी मोटी रकम मंजूर की है। पंचायत और ग्रामीण विकास की योजनाओं के लिए 7,127 करोड़, MSME और स्टार्ट-अप पॉलिसी के लिए 11,361 करोड़ और खनिज क्षेत्रों में सड़क-पानी जैसी सुविधाओं के लिए 6,090 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साफ है कि सरकार का फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और प्रदेश में निवेश का माहौल बनाने पर है।