एशिया कप में रविवार (14 सितंबर) को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच से पहले महाराष्ट्र की राजनीति भी गरमा गई है। राज्य सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने इस मौके पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे पर तीखा हमला बोला। वर्ली कोलीवाड़ा में एक कार्यक्रम में शामिल हुए नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे को “उद्धव खान” कहकर संबोधित किया और आदित्य ठाकरे पर भी विवादित टिप्पणी की।
राणे ने आदित्य ठाकरे पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे मंत्री थे और उनके पिता मुख्यमंत्री, तब भी कोलीवाड़ा की समस्याएं जस की तस रहीं। उन्होंने कटाक्ष किया कि अब ठाकरे परिवार राजनीतिक वेंटिलेटर पर है और 2029 तक जनता उन्हें उनकी असलियत दिखा देगी। राणे यहीं नहीं रुके, उन्होंने आदित्य ठाकरे को लेकर कहा कि वे मैच देखने “बुर्के में छिपकर जाएंगे और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाएंगे।” साथ ही उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे मरीन ड्राइव पर टिकट ब्लैक करते हुए मिलेंगे।
आदित्य ठाकरे पर नितेश राणे का हमला
उद्धव ठाकरे के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए नितेश राणे ने कहा कि विजय जुलूसों में पाकिस्तान जिंदाबाद और “सर तन से जुदा” जैसे नारे लगे थे, तब उद्धव चुप क्यों रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि उन जुलूसों में हरा गुलाब क्यों बांटे गए। राणे ने दावा किया कि अगर महाविकास अघाड़ी सरकार पांच साल चली होती तो अगला मुख्यमंत्री कोई मुसलमान होता। यही नहीं, उन्होंने उद्धव को “उद्धव खान” कहकर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी राजनीति हिंदू विरोधी है।
राणे ने अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया और कहा कि उद्धव ठाकरे को मेयर की कुर्सी देने का मतलब है कि अगला मेयर “अब्दुल या शेख” होगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब हिंदुओं पर हमले हो रहे थे, तब ठाकरे को लंदन से लौटने की याद क्यों नहीं आई। राणे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने आतंकवादियों के अड्डे तबाह कर दिए हैं, जबकि उद्धव ठाकरे अपने पिता का नाम लेने के भी लायक नहीं हैं। इस तरह क्रिकेट मैच से पहले शुरू हुई बयानबाजी ने महाराष्ट्र की राजनीति को और गर्मा दिया है।





