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मिशन बारामती के लिए भाजपा का गांव स्तर पर जोर, मुलशी के 15 गांवों के नेता-पदाधिकारी पार्टी में शामिल

Written by:Neha Sharma
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मिशन बारामती को गति देने के लिए अब गांव स्तर पर अपना फोकस बढ़ा दिया है। भाजपा ने स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर नेता और कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल करना शुरू कर दिया है।
मिशन बारामती के लिए भाजपा का गांव स्तर पर जोर, मुलशी के 15 गांवों के नेता-पदाधिकारी पार्टी में शामिल

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मिशन बारामती को गति देने के लिए अब गांव स्तर पर अपना फोकस बढ़ा दिया है। शुरुआत में बारामती लोकसभा क्षेत्र के ज्यादातर विधानसभा क्षेत्रों में दिग्गज नेताओं को अपने साथ जोड़ने के बाद, अब भाजपा ने स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर नेता और कार्यकर्ताओं को पार्टी में शामिल करना शुरू कर दिया है। इसी के तहत भोर, राजगढ़ और मुलशी विधानसभा क्षेत्रों से कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा का दामन थामा है, जिनमें मुलशी तालुका के प्रवेश खास तौर पर अहम माने जा रहे हैं।

मिशन बारामती के लिए भाजपा का गांव स्तर पर जोर

इस राजनीतिक घटनाक्रम की टाइमिंग भी चर्चा का विषय बनी हुई है। भोर के विधायक शंकर मांडेकर के जन्मदिन के दिन ही, उनके प्रभाव वाले मुलशी इलाके के कई नेताओं ने मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा की सदस्यता ली। इसे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के लिए मुलशी में बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। पूर्व विधायक संग्राम थोपटे के भाजपा में आने के बाद, उनके नेतृत्व में मुलशी के एनसीपी के चार बड़े नेताओं के साथ 15 गांवों के सरपंच-उपसरपंच और 50 से अधिक कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो गए।

शामिल होने वालों में पूर्व सभापति, पीएमआरडीए के सदस्य, विभिन्न संस्थाओं के संचालक और वर्तमान सरपंच भी हैं। संग्राम थोपटे के प्रवेश के बाद मुलशी की राजनीतिक स्थिति में बदलाव के संकेत मिलने लगे थे। अब एनसीपी के अजित पवार गुट के साथ-साथ शरद पवार गुट के महत्वपूर्ण नेताओं का भाजपा में आना, दोनों गुटों के लिए एक साथ बड़ा झटका साबित हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन प्रवेशों से मुलशी में भाजपा की ताकत काफी बढ़ गई है।

इस प्रवेश समारोह में ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे, पूर्व विधायक संग्राम थोपटे, विधायक प्रसाद लाड, प्रदेश महासचिव विधायक विक्रांत पाटील, माधवी नाइक, मीडिया विभाग प्रमुख नवनाथ बन और कार्यालय सहसचिव भरत राऊत मौजूद थे। प्रमुख नेताओं में पांडुरंग ओझरकर, सुखदेव तापकीर, सुरेश हुलावले, अमित कंधारे, पांडुरंग राक्षे और मोरेश्वर घारे शामिल हैं। माना जा रहा है कि स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव से पहले भाजपा ने यह रणनीति बनाकर मिशन बारामती की मजबूत नींव रख दी है।