महाराष्ट्र के पुणे जिले के आंबेगांव तालुका के मंचर कस्बे में शुक्रवार देर शाम एक बड़ी घटना ने तनाव का माहौल पैदा कर दिया। चावड़ी चौक स्थित एक स्थानीय दरगाह की मरम्मत का काम चल रहा था, तभी लगभग शाम 5 बजे उसकी एक दीवार अचानक ढह गई। दीवार गिरने के बाद उसके अंदर एक सुरंग जैसी संरचना दिखाई दी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए और हालात बिगड़ने की आशंका बढ़ गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय नगर पालिका परिषद ने दरगाह की मरम्मत के लिए करीब 60 लाख रुपये की राशि मंजूर की थी। हालांकि, अब इस बात पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या इस निर्माण कार्य के लिए सभी जरूरी अनुमतियां ली गई थीं या नहीं। घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए मंचर कस्बे में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं और माहौल पर लगातार नजर रखी जा रही है।

दरगाह से निकली सुरंग!

अधिकारियों ने बाद में घोषणा की कि न्यायालय के आदेश आने तक किसी भी तरह का निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। तनाव न बढ़े इसके लिए हिंदू और मुस्लिम समुदायों के नेताओं की बैठक कर शांति बनाए रखने का आह्वान किया गया। दूसरी ओर, हिंदू संगठनों ने दीवार से निकली सुरंग की गहन जांच की मांग की है और कहा कि इस संरचना की सच्चाई सामने आनी चाहिए। एहतियातन प्रशासन ने दरगाह क्षेत्र में आम लोगों की एंट्री पूरी तरह से बंद कर दी है और केवल जांच टीमों को ही वहां जाने की अनुमति दी गई है।

स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए पूरे इलाके की सीसीटीवी कैमरे की मदद से निगरानी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, सुरंग के अंदर से लकड़ी की कुछ वस्तुएं भी मिली हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुरातत्व विभाग की टीम को भी बुलाया गया है, जो इस संरचना की जांच करेगी। हालांकि, इस घटना ने हिंदू-मुस्लिम संगठनों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। जहां हिंदू संगठन इस सुरंग के सच की पड़ताल पर जोर दे रहे हैं, वहीं मुस्लिम संगठन दरगाह को हुए नुकसान से नाराजगी जता रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी तरह का विवाद या अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।