मुंबई की मोनोरेल सेवाएं 20 सितंबर 2025 से अस्थायी रूप से बंद हो जाएंगी। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने यह कदम मोनोरेल को भविष्य में अधिक सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से उठाया है। हाल के वर्षों में दो बार मोनोरेल बीच रास्ते में रुक गई थी, जिसके चलते यात्रियों को घंटों की मशक्कत के बाद रेस्क्यू करना पड़ा था। इसी अनुभव से सीख लेते हुए अब MMRDA ने तय किया है कि सेवाओं को रोककर बड़े पैमाने पर तकनीकी सुधार और आधुनिकीकरण किया जाएगा।
इस दौरान मोनोरेल में नई ‘रोलिंग स्टॉक’ (रैक), उन्नत CBTC सिग्नलिंग सिस्टम और पुराने रैकों के रिफर्बिशमेंट का काम किया जाएगा। खास बात यह है कि हैदराबाद में विकसित इंडिजिनस कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (CBTC) सिस्टम पहली बार मुंबई मोनोरेल में लगाया जाएगा। इसके लिए 5 इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग्स का 32 स्थानों पर परीक्षण जारी है। अब तक 260 वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट, 500 RFID टैग, 90 ट्रेन डिटेक्शन सिस्टम और कई WATC यूनिट इंस्टॉल किए जा चुके हैं। इन उपायों से यात्राओं की सुरक्षा बढ़ेगी और ट्रेन सेवाओं का संचालन अधिक व्यवस्थित होगा।
रिपेयर के चलते लिया गया फैसला
रोलिंग स्टॉक के आधुनिकीकरण के तहत मेधा और SMH Rail के सहयोग से 10 नई ‘मेक इन इंडिया’ रैक खरीदी गई हैं। इनमें से 8 रैक मुंबई पहुंच चुकी हैं, 9वीं निरीक्षण प्रक्रिया में है और 10वीं का असेंबली चरण जारी है। फिलहाल मोनोरेल सुबह 6:15 बजे से रात 11:30 बजे तक चलती है, जिससे रात के समय केवल 3.5 घंटे ही रखरखाव का काम हो पाता है। यही कारण है कि MMRDA ने तय किया है कि सेवाएं पूरी तरह रोककर इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और टेस्टिंग तेज गति से की जाएगी।
MMRDA ने बताया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत रोजाना पावर रेल को बंद कर डिस्चार्ज और रिचार्ज करने से काम की गति धीमी हो रही थी। अब सेवाएं बंद होने पर पुराने रैकों का ओवरहॉल और रेट्रोफिटमेंट भी होगा। तकनीकी स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी और कुछ को आगामी मेट्रो प्रोजेक्ट्स के लिए तैनात भी किया जाएगा। हाल ही में हुई तकनीकी दिक्कतों की जांच के लिए एक समिति बनाई गई है। सेवाएं बंद रहने के दौरान चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक तक दोनों दिशाओं में मोनोरेल नहीं चलेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि यात्रा की योजना बनाते समय इसका ध्यान रखें।
अपग्रेड पूरा होने के बाद मोनोरेल न केवल अधिक विश्वसनीय होगी बल्कि मुंबई के पूर्वी कॉरिडोर में सार्वजनिक परिवहन को और मजबूत करेगी। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और MMRDA अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह छोटा ब्लॉक मुंबई के परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि नई रैक, उन्नत सिग्नलिंग सिस्टम और पुराने रैकों के नवीनीकरण से नागरिकों को सुरक्षित और भरोसेमंद सेवा मिलेगी। शिंदे ने भरोसा जताया कि मुंबईकरों के सहयोग से मोनोरेल और मजबूत होकर लौटेगी।





