दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। काबुल जाने के लिए काम एयर की फ्लाइट RQ-4402 पकड़ने आए एक यात्री की असलियत जांच के दौरान खुल गई। यात्री का नाम पासपोर्ट में मोहम्मद रसूल नजीब खान दर्ज था और पता नवी मुंबई, महाराष्ट्र का बताया गया था। लेकिन जब इमिग्रेशन अधिकारी ने उससे महाराष्ट्र से जुड़े पांच साधारण सवाल पूछे, तो वह एक भी सवाल का जवाब नहीं दे पाया और असहाय भाव से सिर हिलाता रहा। इसी से अधिकारियों को शक हुआ और आगे की पूछताछ में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।
महाराष्ट्र के बारे में पूछे सवाल
इमिग्रेशन अफसरों को सबसे पहले उस यात्री की भाषा और लहजे पर संदेह हुआ। मुंबई में जन्मे व्यक्ति की बातचीत में न तो मराठी का कोई असर था और न ही मुंबइया अंदाज। जब अफसरों ने गहराई से पूछताछ शुरू की तो यात्री के जवाब लगातार ग़लत निकलते गए। अधिकारियों ने महाराष्ट्र से जुड़े कई सवाल पूछे, लेकिन यात्री हर बार चुप्पी साधे रहा। आखिरकार जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो पूरी सच्चाई सामने आ गई।
जांच में पता चला कि वह शख्स असल में अफगानिस्तान का रहने वाला है। उसने गैरकानूनी तरीके से नवी मुंबई के पते पर भारतीय पासपोर्ट बनवाया था और उसी के आधार पर वह यात्रा कर रहा था। इस धोखाधड़ी का खुलासा होते ही इमिग्रेशन अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया और मामले की जानकारी पुलिस को दी।
बाद में यात्री को आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला केवल पासपोर्ट धोखाधड़ी का ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी ने किस नेटवर्क की मदद से भारतीय पासपोर्ट हासिल किया और इसके पीछे कोई बड़ी साज़िश तो नहीं है। इस घटना ने एक बार फिर नकली दस्तावेज़ों पर जारी हो रहे पासपोर्ट और एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





