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नेपाल जैसे हालात के बयान पर बवाल, संजय राउत के खिलाफ पुलिस शिकायत

Written by:Neha Sharma
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महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उद्धव ठाकरे गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है कि एकनाथ शिंदे गुट ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
नेपाल जैसे हालात के बयान पर बवाल, संजय राउत के खिलाफ पुलिस शिकायत

महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उद्धव ठाकरे गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है कि एकनाथ शिंदे गुट ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। दरअसल, राउत ने हाल ही में बयान दिया था कि ‘‘नेपाल जैसी स्थिति महाराष्ट्र और भारत में भी हो सकती है।’’ इसी बयान को लेकर शिंदे गुट ने आपत्ति जताई और इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए शिकायत दी। राउत ने पलटवार करते हुए कहा कि उनके विरोधी डर गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिंदे गुट भ्रष्टाचार से ताकत पाता है, लेकिन नेपाल की क्रांति ने रास्ता दिखाया है। अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में राउत ने ‘‘जय हिंद, जय महाराष्ट्र और भारत माता की जय’’ भी लिखा।

इस विवाद की शुरुआत गुरुवार (11 सितंबर) को हुई, जब शिवसेना नेता संजय निरुपम ने वर्सोवा पुलिस को चिट्ठी लिखकर राउत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। निरुपम ने आरोप लगाया कि राउत ने नेपाल की स्थिति का हवाला देते हुए कहा था कि भारत में भी वैसी ही अशांति फैल सकती है। निरुपम के अनुसार, ‘‘इस तरह का बयान नागरिकों में भय फैलाने वाला है और सीधे तौर पर देशविरोधी मानसिकता को बढ़ावा देता है।’’ उन्होंने कहा कि राउत की टिप्पणी असंवैधानिक है, खतरनाक है और देश की स्थिरता के खिलाफ है। निरुपम ने पुलिस से आग्रह किया कि उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।

नेपाल जैसे हालात के बयान पर बवाल

उधर, नेपाल में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। नेपाल पुलिस के मुताबिक, Gen Z की हिंसा में अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है। नई सरकार गठन को लेकर वहां राजनीतिक चर्चा जारी है, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि अंतरिम सरकार की बागडोर किसे मिलेगी। नेपाल की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की का नाम इस पद के लिए सामने आया है, लेकिन कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। बढ़ते जनाक्रोश और अस्थिर माहौल ने पड़ोसी देशों तक में चिंता पैदा कर दी है।

इसी बीच नेपाल के नागरिक समाज से जुड़े संगठन ‘बृहत नागरिक आंदोलन’ (बीएनए) ने आरोप लगाया है कि देश में सैन्य हस्तक्षेप के जरिये राजशाही बहाल करने की साजिश रची जा रही है। संगठन का कहना है कि यह साजिश केपी शर्मा ओली प्रशासन के पतन और संक्रमणकालीन सरकार के गठन को लेकर जारी राजनीतिक बातचीत के बीच सामने आई है। नेपाल की स्थिति को लेकर उठाए जा रहे राजनीतिक बयान अब भारत की राजनीति में भी हलचल पैदा कर रहे हैं।