
मंदसौर पुलिस ने त्योहारों से पहले एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। दरअसल, पुलिस ने हथियारों का जखीरा पकड़ा है। इसमें 2 पिस्टल के साथ 700 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। भैंसोदामंडी चौक पुलिस द्वार इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान हथियारों की अन्तर्राज्यीय तस्करी से जुड़ा हैरान करने वाला तरीका सामने आया है। जिस तरह से इन हथियारों को सप्लाई किया जा रहा था। उससे पहली नजर में समझना मुश्किल है कि सामने जो चीजे मौजूद हैं, उनमें हथियार छुपाकर ले जाए जा रहे हैं।
मिठाई और तेल के डब्बे में हथियार
बता दें कि पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई में मिठाई और सरसों के तेल से भरे डब्बे में हथियार छुपाकर ले जाए जा रहे थे। उत्तरप्रदेश के मैनपुरी से इस खेप को मध्य प्रदेश के मंदसौर लाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले के मास्टरमाइंड सहित 4 आरोपियों को पकड़ लिया है।
इन्हें किया गया गिरफ्तार
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तस्करी के मास्टरमाइंड 76 वर्षीय फरमान अली, 28 वर्षीय इरफान, 19 वर्षीय रिहान और 22 वर्षीय आदिल मिर्जा को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 4 एंड्रॉयड मोबाइल भी बरामद हुए हैं। सभी से तस्करी के संबंध में पूछताछ की जा रही है। बरमद की गई 2 पिस्टल की कीमत 40 हजार रुपए, 700 जिंदा राउंड की कीमत 3 लाख 15 हजार रुपए और 4 मोबाइल की कीमत 71000 रुपए बताई जा रही है।
मन्दसौर पुलिस को अवैध हथियारों का जखीरा पकडने में मिली सफलता ।आरोपीगणों के कब्जे से बडी मात्रा में अवैध जिन्दा कारतूस जप्त । 04 आरोपीगणों को गिऱफ्तार कर उनके कब्जे से 02 पिस्टल एवम् 700 जिन्दा कारतूस ( राउण्ड ) किये जप्त । @DGP_MP @mohdept @DrMohanYadav51 @IgpUjjain @DigUjjain https://t.co/Chh12vuqIY
— SP_Mandsaur (@mandsaur_sp) October 27, 2026
मुखबिर से मिली सूचना
एसपी विनोद कुमार मीणा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक भैंसोदा मंडी पुलिस को मुखबिर के जरिए हथियारों की तस्करी के संबंध में जानकारी मिली थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मालीपुरा तिराहे से 4 संदिग्धों को पकड़ा। जब तलाशी ली गई तो बैग में रखे हुए मिठाई के डब्बे से 2 पिस्टल मिली। यहां तक तो ठीक था। हद तो तब हो गई जब सरसों के तेल के बन के अंदर प्लास्टिक की थैलियां में से 700 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
हथियार सहित चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अब पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हथियार कहां से लेकर आए थे और सप्लाई करने के लिए कहां लेकर जा रहे थे। इनके बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।

