पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों-शोरों से हो रही है। राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विवाद भी जारी है। इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बंगाल दौरे (Amit Shah West Bengal Visit) पर हैं। शनिवार को बैरकपुर में आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार पर जमकर हमला बोला। टीएमसी सरकार को हिंसा और भ्रष्टाचार का प्रतीक भी बताया। कई गंभीर आरोप भी लगाए।

अमित शाह ने आनंदपुर मोमो फैक्ट्री अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। इस घटना को लेकर टीएमसी सरकार पर कई सवाल भी उठाएं।  इसके अलावा उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव जांच के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की। विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भी कई घोषणाएं भी की।

घुसपैठ को लेकर अमित शाह ने क्या कहा?

शाह ने कहा, “बंगाल में बीजेपी का सरकार बनाना भारत की सुरक्षा के लिए जरूरी है। बंगाल से घुसपैठ पूरे देश के लिए खतरा है। भाजपा की जीत होते ही जैसे ही मुख्यमंत्री शपथ लेंगे, 45 दिनों के अंदर बॉर्डर पर फेंसिंग पूरी की जाएगी।”  आगे उन्होंने कहा, “हमने असम में ऐसा ही किया। बीजेपी के राज में गुजरात और राजस्थान में बॉर्डर सुरक्षित है।” जनता से वोट की अपील की और कहा, “केसरिया को एक मौका देना चाहिए।” ममता सरकार पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए अमित शाह ने कहा कि, “ममता सरकार की विदाई तय है।”  इसके अलावा उन्होंने ममता बनर्जी पर वंदे मातरम के अपमान का आरोप भी लगाया।

2026 चुनाव को लेकर कही ये बात 

सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने दावा किया कि भाजपा का वोट शेयर इस साल चुनाव में 50% से ज्यादा होगा और प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनेगी। गृह मंत्री ने कहा की, “ममता बनर्जी भाजपा को कम आँकती है। 2014 में बीजेपी को बंगाल में सिर्फ दो सीटें मिली थी। 2019 में 41% वोट शेयर और 2021 के विधानसभा चुनाव में 38% वोट और 77 सीटों मिली थी। सुवेंधु सरकार को विपक्ष नेता बना दिया। 2024 में वोट शेयर उन 49% तक पहुंच गया। अब नंबर रहे हैं। अगली छलांग हमें 50% से आगे ले जाएगी।”

टीएमसी ने क्या कहा?

अमित शाह के आरोपों को लेकर तृणमूल कॉंग्रेस ने भी करारा जवाब दिया है। टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर हवाबाजी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा “चुनाव से ठीक पहले वे आते हैं। ऐसे बेतुके घोषणाएं करते हैं। जबकि उन्हें पता होता है कि उनकी फिर से उनकी हार होने वाली है। 2021 में ‘200 पार’ था। असलियत में उन्हें 77 पर रोक दिया गया। इस बार गिरावट और भी ज्यादा होगी।” उन्होंने बीजेपी पर बदनामी की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। कहा कि, “वे सही नागरिकों को घुसपैठिया बताते हैं। अमर्त्य सेन, झूलन गोस्वामी, मोहम्मद शमी, मेहताब हुसैन, चंद्र कुमार बोस जैसी बड़ी हस्तियों को एसआईआर नोटिस भेजा जाता है।”