आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने 931 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 30 मुख्यमंत्रियों की कुल संपत्ति 1600 करोड़ रुपये से अधिक है। नायडू की संपत्ति अन्य मुख्यमंत्रियों की तुलना में कहीं अधिक है, जो उनकी स्थापित कंपनी हेरिटेज फूड्स लिमिटेड से मुख्य रूप से जुड़ी है। यह विश्लेषण 27 राज्य विधानसभाओं और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों द्वारा हाल के चुनावों से पहले दाखिल किए गए स्व-घोषित हलफनामों पर आधारित है।
चंद्रबाबू नायडू ने 1992 में हेरिटेज फूड्स की स्थापना की थी, जो केवल 7000 रुपये की पूंजी से शुरू हुई थी। 1994 में कंपनी का आईपीओ 54 गुना सब्सक्राइब हुआ और 6.5 करोड़ रुपये जुटाए। पहले साल में 19,000 लीटर दूध प्रतिदिन और 4.36 करोड़ रुपये की आय से शुरू होकर कंपनी ने तीन दशकों में तेजी से विस्तार किया। 2000 में इसका कारोबार 100 करोड़, 2011 में 1000 करोड़ और 2025 में 4000 करोड़ रुपये को पार कर गया। जून 2024 में कंपनी का बाजार पूंजीकरण 6755 करोड़ रुपये के शिखर पर पहुंचा, जिसमें 1.82 लाख शेयरधारक शामिल हैं।
हेरिटेज फूड्स में 41.3% हिस्सेदारी
नारा परिवार के पास वर्तमान में हेरिटेज फूड्स में 41.3% हिस्सेदारी है और श्रीमती नारा भुवनेश्वरी ने कंपनी का 17 राज्यों में विस्तार किया है, जो लगभग 3 लाख डेयरी किसानों के साथ जुड़ा हुआ है। यह कंपनी न केवल एक कॉरपोरेट सफलता की कहानी है, बल्कि किसान सशक्तिकरण और उपभोक्ता विश्वास पर आधारित भारत की डेयरी क्रांति का भी हिस्सा है, जिसने 1997 से भारत को विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनाया है।
पेमा खांडू के पास 163 करोड़ की संपत्ति
एडीआर रिपोर्ट में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू 163 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि ओडिशा के नवीन पटनायक 63 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर हैं। दूसरी ओर, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने केवल 40 लाख रुपये और दिल्ली के अरविंद केजरीवाल ने 3 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। यह रिपोर्ट भारत के राजनीतिक नेतृत्व में आर्थिक पृष्ठभूमि की व्यापक असमानताओं को रेखांकित करती है।






