तमिलनाडु में पूर्व भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई का ‘वी द लीडर्स’ आंदोलन तेजी से बढ़ रहा है। दरअसल यह आंदोलन अब एक राजनीतिक पार्टी का रूप लेने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बुधवार, 17 जून को के. अन्नामलाई ने खुद इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जुलाई तक इसे एक राजनीतिक पार्टी के रूप में शुरू करने की तैयारी चल रही है।
दरअसल अन्नामलाई के इस अभियान से अब तक करीब 18 लाख लोग जुड़ चुके हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई का लक्ष्य इस संख्या को 50 लाख सदस्यों तक पहुंचाना है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आयोजित एक वीडियो बातचीत में इन आंकड़ों की पुष्टि की। अन्नामलाई ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग बिना किसी निजी लाभ की उम्मीद के इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं। यह स्थिति आंदोलन की मजबूत जमीनी पकड़ को दिखाती है।
अभियान सिर्फ ऑनलाइन तक सीमित नहीं
यह सदस्यता अभियान सिर्फ ऑनलाइन तक सीमित नहीं है। स्वयंसेवक गांवों और शहरों में लोगों से सीधे मिलकर उन्हें आंदोलन से जोड़ रहे हैं। इस पहल से जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर लोगों का जुड़ाव देखने को मिल रहा है। अन्नामलाई ने कहा कि जब यह आंदोलन एक राजनीतिक संगठन के रूप में आगे बढ़ना शुरू करेगा, तब जुलाई से इसकी गतिविधियों का स्वरूप बदल जाएगा। उन्होंने दावा किया कि लोग इस बदलाव को साफ तौर पर देख सकेंगे। यह बदलाव एक नई राजनीतिक दिशा की ओर संकेत करता है।
सभी धर्मों का समान सम्मान करता है संगठन: अन्नामलाई
के. अन्नामलाई ने अपने आंदोलन की सफलता को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन कभी असफल नहीं होगा और जनता को गलत रास्ते पर नहीं ले जाएगा। उन्होंने संगठन के मूल विचारों के बारे में भी बताया। अन्नामलाई ने कहा कि उनका संगठन सभी धर्मों का समान सम्मान करता है। यह एक ऐसी सोच के साथ आगे बढ़ेगा, जिसमें समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की कोशिश होगी।
कौन है के. अन्नामलाई?
वहीं अगर पृष्ठभूमि की बात करें तो के. अन्नामलाई ने वर्ष 2020 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। वह एक पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें तमिलनाडु भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनके नेतृत्व में भाजपा ने राज्य में कई जनसंपर्क अभियान चलाए थे। इसी महीने उन्होंने भाजपा छोड़कर ‘वी द लीडर्स’ आंदोलन की शुरुआत की थी। इस आंदोलन को शुरुआती दिनों में ही लाखों लोगों का समर्थन मिलना शुरू हो गया था, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।
अन्नामलाई ने साफ किया कि आने वाले महीनों में सदस्यता अभियान जारी रहेगा। संगठन को एक बड़े जन आंदोलन के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने तमिलनाडु के कई मुद्दों को भी उठाया। युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या इनमें प्रमुख है। अन्नामलाई ने कहा कि यह आंदोलन जमीनी स्तर पर लोगों की आवाज बनेगा। यह समाज की असली समस्याओं को सामने लाएगा और उनके समाधान के लिए काम करेगा। उनका मानना है कि लोगों के समर्थन से ही एक मजबूत राजनीतिक ताकत खड़ी की जा सकती है और उनका आंदोलन इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।






