असम में चुनावी तारीखों के ऐलान से ठीक पहले सियासी पारा चढ़ गया है। सत्ताधारी BJP ने अपना सबसे बड़ा दांव चलने की तैयारी कर ली है निशाना है राज्य के युवा वोटर और लक्ष्य 100 सीटों का आंकड़ा। इसके लिए पार्टी चुनावी रण में अपने सबसे बड़े रणनीतिकार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उतार रही है।
गुवाहाटी में 15 मार्च को एक विशाल युवा सम्मेलन होने जा रहा है। यह सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि चुनाव से पहले पार्टी का शक्ति प्रदर्शन है। दावा किया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में पूरे प्रदेश से करीब 1 लाख युवा शामिल होंगे। अमित शाह खुद इन युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। मकसद साफ है: युवाओं को यह बताना कि सरकार ने उनके लिए क्या किया है और आने वाले चुनाव में पार्टी का साथ देने की अपील करना।
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शाह के बाद मोदी: असम पर BJP का डबल फोकस
मामला सिर्फ अमित शाह के दौरे तक सीमित नहीं है। BJP ने असम में अपने शीर्ष नेतृत्व को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। शाह के कार्यक्रम से ठीक पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी असम में होंगे। पीएम मोदी 13 मार्च को गुवाहाटी और 14 मार्च को कोकराझार में कई सरकारी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
एक के बाद एक, दो सबसे बड़े नेताओं का यह दौरा बताता है कि BJP असम चुनाव को कितनी गंभीरता से ले रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन दौरों के जरिए विकास के कामों और सरकारी योजनाओं को जनता के बीच ले जाने की रणनीति है।
क्यों अहम हैं युवा वोटर?
BJP ने इस बार असम में 100 से ज्यादा सीटें जीतने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवा मतदाताओं को साधना बेहद जरूरी है। यही वजह है कि पार्टी ने एक अलग से ‘युवा सम्मेलन’ की योजना बनाई है, जिसके केंद्र में अमित शाह को रखा गया है।
राज्य सरकार और BJP संगठन इस कार्यक्रम की तैयारियों में जोर-शोर से जुट गए हैं। कोशिश यही है कि 15 मार्च को गुवाहाटी में एक ऐसा माहौल बनाया जाए, जिसका संदेश पूरे राज्य में जाए और चुनावी हवा पार्टी के पक्ष में बन सके।