केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग को नियंत्रित करने वाले अहम विधेयक को मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार, यह विधेयक जल्द ही लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस विधेयक का उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को एक कानूनी ढांचे के तहत लाना और डिजिटल ऐप्स के माध्यम से जुअे पर दंडात्मक कार्रवाई करना है।
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ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी लत
यह प्रस्तावित कानून ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी लत, धोखाधड़ी और विभिन्न राज्यों के कानूनों में असंगतियों जैसी चिंताओं को संबोधित करता है। इसमें दंड और सजा से संबंधित प्रावधान शामिल हैं, जो गेमिंग उद्योग को और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम उठाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को ऑनलाइन गेमिंग के लिए केंद्रीय नियामक के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।
अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना
यह कदम ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र में एकरूपता लाने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद करेगा। इसके अलावा, यह विधेयक ऑनलाइन सट्टेबाजी को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखता है। वर्तमान में अनधिकृत सट्टेबाजी के लिए नए दंड संहिता, भारतीय न्याय संहिता के तहत जुर्माना और सात साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। यह विधेयक ऑनलाइन गेमिंग को और अधिक सुरक्षित और नियंत्रित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।