19 अप्रैल से उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है। अक्षय तृतीया के मौके पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हर हर गंगे और जय मां यमुना के गगनभेदी जयकारों के बीच धार्मिक अनुष्ठान हुआ और हर जगह भक्ति में माहौल देखना को मिला। चलिए जान लेते हैं कि यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे किया जा सकता है और किस धाम के कपाट कब खुलेंगे।
चारधाम यात्रा का भक्त साल भर इंतजार करते हैं। जैसे ही यात्रा की तारीख नजदीक आती है उसके लिए रजिस्ट्रेशन करने वालों की संख्या में इजाफा देखने को मिलता है। आज यमुनोत्री और गंगोत्री धाम कपाट खुले जाने के समय उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके पर मौजूद रहे और ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
शुरू हुई चारधाम यात्रा
चार धाम यात्रा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। जैसे ही गंगोत्री धाम के कपाट खोले गए हर जगह जयकारे सुनाई दिए। भक्ति में लीन हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित थे।
मंदिर पहुंची डोली
कपाट खुलने से एक दिन पहले मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी से विशेष पूजन अर्चन के बाद गंगोत्री धाम के लिए रवाना की गई थी। पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ यह धाम पहुंची। इसके बाद विधि विधान से मंदिर के कपाट खोले गए। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके पर मौजूद थे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहले पूजा की और देश विश्व की सुख समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले धाम के कपाट
गंगा पूजन, गंगा सहस्त्रनाम पाठ और विशेष पूजा के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धाम के कपाट खोले गए। इस दिन हजारों श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचकर माता गंगा के दर्शन करके दिखाई दिए। चारधाम यात्रा के दौरान उत्तराखंड में आस्था परंपरा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। आने वाले दिनों में यहां लाखों श्रद्धालुओं से पहुंचने की उम्मीद बताई जा रही है। इसके लिए प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई है।
कब खुलेंगे अन्य धाम
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुल चुके हैं। केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे। इक सभी धामों में आस्था का संगम देखने को मिलने वाला है।
कैसे करें रजिस्ट्रेशन
अगर आप यात्रा पर जाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यात्रा का रजिस्ट्रेशन ragustrationtouristcare.uk.gov.in पर किया जा सकता है। अगर आप चाहे तो Tourist Care Uttarakhand एप के माध्यम से भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।
क्या रहेगा यात्रा का रूट
इस यात्रा के रूट की बात करें तो यह देहरादून और हरिद्वार से होकर बड़कोट, यमुनोत्री, उत्तरकाशी, गंगोत्री, रुद्रप्रयाग, केदारनाथ, जोशीमठ और बद्रीनाथ रहेगा।






