नई दिल्ली: केरल में विधानसभा चुनावों का समय नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने राज्य में अपनी चुनावी मशीनरी को सक्रिय करते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए अपनी कैंपेन कमेटी का ऐलान कर दिया है, जिसकी कमान वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को सौंपी गई है। उन्हें प्रचार कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इस घोषणा में सबसे ज्यादा ध्यान तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर को मिली बड़ी जिम्मेदारी ने खींचा है। कुछ समय पहले तक थरूर और पार्टी आलाकमान के बीच मतभेदों की खबरें थीं, लेकिन हाल ही में उनकी शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद अब उन्हें प्रचार अभियान में एक प्रमुख भूमिका दी गई है, जो इन अटकलों पर विराम लगाती है।
10 साल बाद सत्ता वापसी की कवायद
कांग्रेस के लिए केरल का यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है। पार्टी पिछले 10 वर्षों से राज्य में विपक्ष की भूमिका निभा रही है और इस बार वामपंथी मोर्चे को हराकर सत्ता में वापसी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने चुनाव से काफी पहले ही अपनी प्रमुख समितियों का गठन कर लिया है। ऐसा माना जा रहा है कि राज्य में चुनाव इस साल अप्रैल-मई में कराए जा सकते हैं।
जानिए कमेटी में किसे मिली जगह
पार्टी ने अपनी प्रचार अभियान समिति में कई युवा और अनुभवी चेहरों को शामिल किया है। कांग्रेस सांसद शफी परम्बिल को इस समिति का संयोजक बनाया गया है।
समिति के अन्य सदस्यों में हिबी ईडन, रोजी एम जॉन, सीआर महेश, मैथ्यू कुझालनदान, राम्या हरिदास, एम लिजू और दीप्ति मैरी वर्गीस शामिल हैं। इसके अलावा, घोषणापत्र समिति का जिम्मा सांसद बेनी बेहनन को दिया गया है, जो इसके अध्यक्ष होंगे, जबकि लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक के. सुरेश सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे।
हाल ही में संसद की सीढ़ियों पर फिसलने के कारण शशि थरूर के पैर में चोट लग गई थी और वह व्हीलचेयर पर हैं। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि वह जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर केरल के चुनावी अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे।





