आज 1 जुलाई से पूरे भारत में VB-G RAM G यानि ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट 2025 लागू हो गया है और सरकार ने मनरेगा (MGNREGA) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को समाप्त कर दिया है वीबी- जी राम जी ने अब मनरेगा का स्थान ले लिया है, कानून के लागू होते है कांग्रेस ने इसकी वापसी की मांग शुरू कर दी है, कांग्रेस ने इसे गरीबों को बड़ा झटका बताया है और तत्काल मनरेगा वापस लागू करने की मांग की है।
न्यूनतम मजदूरी दर में वृद्धि , साल में 100 की जगह 125 दिन का काम दिए जाने की गारंटी देने वाली योजना वीबी- जी राम जी को केंद्र सरकार ने आज से लागू कर दिया है, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने आज के दिन को ऐतिहासिक और भूतपूर्व कहा लेकिन कांग्रेस ने इसका विरोध किया है, कांग्रेस ने कहा, आज एक बहुत दुखद दिन है, क्योंकि मोदी सरकार ने मनरेगा योजना को खत्म कर दिया है।
ग्रामीण विकास और पंचायती राज से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति के चेयरमैन कांग्रेस सांसद सप्तगिरि उल्का ने कहा कि मनरेगा को खत्म कर सरकार ने देश के तमाम गरीबों को एक झटका दिया है, क्योंकि ये ‘मांग आधारित’ रोजगार देने वाली योजना थी। लेकिन मोदी सरकार ने सप्लाई आधारित वीबी जी राम जी योजना लागू कर दी है जिससे गरीबों को कोई लाभ नहीं होगा।
कांग्रेस सांसद ने कहा सप्लाई बेस मॉडल में केंद्र सरकार पहले एडवांस में फंड बजट आवंटित करती है और लेबर बजट मंजूर करती है। इसके तहत, राज्य सरकार को फंड्स और प्रशासनिक क्षमता को मैच करना पड़ेगा, ताकि काम हो पाए। लेकिन मनरेगा में कितने लोगों ने रोजगार मांगा है, उसके आधार पर पैसा आवंटित किया जाता था, लेकिन अब VB G RAM G में एक बजट दिया जाएगा, जिसमें काम ख़त्म करना होगा।
कांग्रेस ने कहा मनरेगा में केंद्र सरकार करीब 100% श्रम लागत का बजट देती थी और सामग्री लागत में 60-40 का रेशो होता था, जिसमें राज्यों पर बहुत कम बोझ पड़ता था मगर अब VB-G RAM G में दोनों को ही 60-40 के रेशो में रख दिया गया है। इस सबके बाद भी अगर किसी को काम देना होगा तो उसका बोझ राज्य सरकार पर पड़ेगा।
कांग्रेस ने कहा मोदी सरकार कह रही है कि VB-G RAM G में 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा, लेकिन इनकी सच्चाई जान लीजिए। हरियाणा के उदाहरण से समझते हैं- हरियाणा की एंट्री में 984 करोड़ रुपए का आवंटन है, जिसमें 40% राज्य को देना होगा, जो होगा 393 करोड़ रुपए होगा इतना पैसा खर्च करने के बाद हरियाणा में सिर्फ 13.78 काम के दिन पूरे हो रहे हैं अगर इसे बढ़ाकर 125 दिन किया जाए तो हरियाणा को करीब 5,786 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे, कांग्रेस सांसद ने कहा BJP सरकार 125 दिन की बात तो करती है, लेकिन केंद्र द्वारा मिलने वाले पैसे का फंडिग गैप कहता है कि इनके दावे सिर्फ जुमला हैं।
योजना ग्रामीण लोगों को रोजगार देने की भावना के भी खिलाफ
कांग्रेस नेता सप्तगिरि ने कहा केंद्र सरकार ने कहा है कि VB-G RAM G में हम हर राज्य में मानक-आधारित फंड आवंटन करेंगे ये कई राज्यों के लिए कतई ठीक नहीं होगा, बल्कि ये अन्याय होगा, उन्होंने कहा असल में मोदी सरकार मनरेगा को मजबूत नहीं, बल्कि उसे तबाह करने के लिए VB-G RAM G जैसी योजना लेकर आई है। ये योजना ग्रामीण लोगों को रोजगार देने की भावना के भी खिलाफ है।
कांग्रेस ने गिनाई VB GRAM G की खामियां
उन्होंने कहा VB- G RAM G योजना में राज्यों को छूट दी गई है कि वे पीक कृषि सीजन को तय कर सकते हैं, जिसमें 2 महीने काम नहीं दिया जाएगा। जबकि मनरेगा में खेतिहर मजदूर आते ही इसलिए थे, क्योंकि उन्हें गांव से बाहर नहीं जाना पड़ता था और रोजगार मिल जाता था स्टेंडिंग कमेटी ने सिफारिश की है कि आज के समय में मजदूरी बहुत कम है, जिसे बढ़ाया जाना चाहिए मनरेगा में काम को चिन्हित किया जाता था। ग्राम सभा के लोग तय करते थे कि कहां काम होना चाहिए, मगर VB-G RAM G में ये ख़त्म हो गया है।
कांग्रेस का दावा – किसी को VB GRAM G की जानकारी नहीं
कांग्रेस ने कहा VB-G RAM G आज से नोटिफाई हो गया है, लेकिन किसी को कोई जानकारी ही नहीं है कि इसके तहत काम कैसे होगा। इसे बस अधिकारियों ने पोर्टल में अपलोड कर दिया है और ग्राम सभाओं को खबर ही नहीं है। ग्रामीणों के अधिकार छीनकर अधिकारियों को पकड़ा दिए गए हैं। हमारी अपील है कि मोदी सरकार मनरेगा योजना को तुरंत वापस लेकर आए। मनरेगा के आर्किटेक्चर को लागू किया जाए, जिसका नेचर अधिकार आधारित, मांग अनुरूप था, जिसमें लोगों की डिमांड पर उन्हें रोजगार दिया जाता था।
मनरेगा वापस होने तक आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस सांसद सप्तगिरि उल्का ने काह मनरेगा में नियम था कि यदि किसी को उसकी डिमांड के बाद भी 15 दिन में रोजगार न मिले, तो उन्हें बेरोजगारी भत्ता मिलता था। हम इस योजना की वापसी के लिए सड़क से संसद तक आवाज उठाएंगे और उस उद्देश्य के लिए लड़ते रहेंगे, जिसमें कहा गया था कि- हर हाथ को काम चाहिए, काम का सही दाम चाहिए।






