नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के शासन और विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण बजट सत्र 23 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इस तीन दिवसीय सत्र के लिए दिल्ली विधानसभा में व्यापक तैयारियां की गई हैं, जिसमें इस बार प्रौद्योगिकी और परंपरा का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को तैयारियों का जायजा लेते हुए इसे संसदीय परंपराओं की उत्कृष्टता का प्रतीक बनाने पर जोर दिया।
यह सत्र आठवीं विधानसभा के चौथे सत्र का दूसरा भाग है, जो 25 मार्च तक चलेगा। इसका सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 24 मार्च को पेश होने वाला वार्षिक बजट होगा, जिस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
डिजिटल हुई विधानसभा: हर मेज पर टैबलेट
इस बार के सत्र में विधायी कार्यों को पूरी तरह से डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सभी सदस्यों की मेजों पर डिजिटल टैबलेट स्थापित किए गए हैं। इस पहल से विधायकों को सदन की कार्यवाही, आधिकारिक दस्तावेज और अन्य विधायी कार्यों तक रियल-टाइम में पहुंच मिल सकेगी, जिससे कागज का उपयोग कम होगा और प्रक्रिया अधिक सुगम बनेगी।
देश की पहली विधानसभा जिसमें होगा AI चैटबॉट ‘विधान साथी’
दिल्ली विधानसभा एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने जा रही है। यह देश की पहली ऐसी विधानसभा होगी जो सदस्यों की सहायता के लिए अपना इन-हाउस AI-सक्षम चैटबॉट ‘विधान साथी’ पेश करेगी। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विधायकों के लिए एक समर्पित विधायी अनुसंधान सहायक के रूप में काम करेगा। इसकी मदद से सदस्य विधेयकों, अधिनियमों और नीतिगत मामलों का विश्लेषण करने के लिए डेटा-आधारित सटीक जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकेंगे।
“सदन की गरिमा बनाए रखना और सार्थक चर्चा सुनिश्चित करना सभी की साझा जिम्मेदारी है। आगामी बजट सत्र संसदीय परंपराओं की श्रेष्ठता का प्रतीक होना चाहिए।”- विजेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, दिल्ली विधानसभा
इसके अलावा, सत्र की शुरुआत में एक प्रख्यात गायक द्वारा ‘वंदे मातरम’ का पूर्ण गायन लाइव किया जाएगा, जिसका उद्देश्य सदन के राष्ट्रीय चरित्र को और मजबूती प्रदान करना है। विधानसभा अध्यक्ष ने सुरक्षा, विधायी और तकनीकी टीमों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि लोकतंत्र के इस मंदिर में चर्चा का स्तर उच्चतम बना रहे।






