नई दिल्ली: दिल्ली के कथित शराब घोटाले मामले में तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी और तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही हैं। गुरुवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक टीम ने हैदराबाद के बंजारा हिल्स स्थित उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट का एक नोटिस थमाया।

यह नोटिस सीबीआई द्वारा दायर एक याचिका के संबंध में है, जिसमें जांच एजेंसी ने निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें कविता समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया था।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश दिया था। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए के. कविता, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 लोगों को नोटिस जारी किया था। इसी आदेश के तहत सीबीआई ने कविता को नोटिस सौंपा है।

इसके साथ ही, हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सीबीआई और उसके जांच अधिकारी के खिलाफ की गई प्रतिकूल टिप्पणियों पर भी रोक लगा दी है। उच्च न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में कहा कि पहली नजर में जांच अधिकारी के खिलाफ की गईं सख्त टिप्पणियां पूरी तरह से अनुचित लगती हैं, खासकर तब जब वे आरोप तय करने के स्तर पर की गई थीं।

नोटिस पर के. कविता की प्रतिक्रिया

नोटिस मिलने के बाद के. कविता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया है और वह जांच में पूरा सहयोग करने का इरादा रखती हैं।

“मुझे सीबीआई ने आज दोपहर करीब 12.30 बजे एक नोटिस भेजा है, जिसमें मुझे बताया गया है कि 16 मार्च, 2026 को हाई कोर्ट में याचिका पेश की जा रही है।”- के. कविता

कविता ने आगे कहा, “मैं अपनी लीगल टीम से सलाह-मशविरा कर रही हूं और ऑफिशियल चैनलों के जरिए सही जवाब दूंगी। मुझे पूरा भरोसा है कि सच की जीत होगी, इसलिए मैं लीगल मशीनरी के साथ पूरा सहयोग करने का इरादा रखती हूं।” उन्होंने यह भी आग्रह किया कि इस कानूनी प्रक्रिया का कोई गलत मतलब न निकाला जाए, क्योंकि जब कोई जांच एजेंसी ऊपरी अदालत में अपील करती है तो नोटिस जारी करना एक तय प्रक्रिया है।