पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों का इंतजार आज खत्म होने जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) आज यानी 15 मार्च को शाम 4 बजे एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाला है, जिसमें पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस दिल्ली के विज्ञान भवन में होगी, जिसके बाद इन सभी राज्यों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। इसमें नामांकन की तारीखों, मतदान के चरणों, मतगणना की तिथि और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।

चुनाव आयोग ने पूरी की तैयारियां

चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले चुनाव आयोग ने सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया है। आयोग की टीमों ने फरवरी में असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी का दौरा किया था, जबकि 6-7 मार्च को केरल और 9-10 मार्च को पश्चिम बंगाल में समीक्षा बैठकें की गईं। इन दौरों के दौरान, आयोग ने राजनीतिक दलों, स्थानीय प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठकें कीं।

इन बैठकों का मुख्य फोकस निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना था। इसके लिए मतदाता सूची में सुधार, EVM-VVPAT की जांच, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की तैनाती और हिंसा की रोकथाम जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया गया।

कब खत्म हो रहा है विधानसभाओं का कार्यकाल?

इन पांच राज्यों की मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून 2026 में समाप्त हो रहा है। कार्यकाल की समयसीमा इस प्रकार है:

  • पश्चिम बंगाल: 7 मई 2026
  • तमिलनाडु: 10 मई 2026
  • असम: 20 मई 2026
  • केरल: 23 मई 2026
  • पुडुचेरी: 15 जून 2026

आयोग को इन तारीखों से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी कर नई सरकारों का गठन सुनिश्चित करना है। सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के खिलाफ अपील करने की अंतिम तारीख 15 मार्च होने के कारण आज ही घोषणा की जा रही है।

पिछले चुनावों में क्या थे समीकरण?

2021 के विधानसभा चुनावों में इन राज्यों में अलग-अलग परिणाम देखने को मिले थे। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने 8 चरणों के चुनाव में 215 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था और ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनी थीं। वहीं, असम में बीजेपी ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी, जहां तीन चरणों में मतदान हुआ था।

दक्षिण भारत में, तमिलनाडु में एक ही चरण में हुए चुनाव में DMK ने जीत दर्ज की और एमके स्टालिन मुख्यमंत्री बने। केरल में LDF ने 99 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की और पिनराई विजयन दोबारा मुख्यमंत्री बने। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में NDA गठबंधन ने 16 सीटें जीती थीं और एन. रंगास्वामी मुख्यमंत्री बने थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार पश्चिम बंगाल और असम में मतदान के चरणों की संख्या घटाई जा सकती है।