राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) की कला, मेहनत और नवाचार का संगम ‘कारीगरी प्रदर्शनी’ के रूप में शुरू हो गया है। यह प्रदर्शनी 3 से 14 सितंबर तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक आगंतुकों के लिए खुली रहेगी।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमियों को सीधे बाजार से जोड़ना है, ताकि उनके कारोबार को विस्तार और वैश्विक पहचान मिल सके। अंबपाली हैंडलूम एवं हस्तकला बहुराज्य सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी को एमएसएमई मंत्रालय की प्रोक्योरमेंट एवं मार्केटिंग सपोर्ट योजना का सहयोग और राष्ट्रीय जूट बोर्ड का सह-प्रायोजन मिला है।
80 से अधिक स्टॉल, हर राज्य की पहचान
करीब 80 स्टॉल इस प्रदर्शनी में लगाए गए हैं। दिल्ली, यूपी, बिहार, एमपी, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, असम, हिमाचल, झारखंड और आंध्र प्रदेश के उद्यमी अपने उत्पाद लेकर पहुंचे हैं। इनमें से 10 विशेष स्टॉल राष्ट्रीय जूट बोर्ड ने लगाए हैं, जो आगंतुकों को पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों की ओर आकर्षित कर रहे हैं।
एमएसएमई इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म रहा आकर्षण
इस प्रदर्शनी में एमएसएमई इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म मुख्य आकर्षण रहा। यहाँ 60 से अधिक उद्यमी वस्त्र, शिल्प और कृषि उत्पादों में अपने प्रयोग प्रदर्शित कर रहे हैं। इसके अलावा हर्बल व ऑर्गेनिक सामान, ड्राई फ्रूट्स, सजावटी सामग्री और प्रोसेस्ड फूड भी आगंतुकों की पसंद बने हुए हैं।
लोक संस्कृति और स्वाद का संगम
अंबपाली संस्था की अध्यक्षा अर्चना सिंह ने कहा कि ‘कारीगरी’ केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उद्यमियों की मेहनत और नवाचार को वैश्विक पहचान देने का मंच है। हर शाम लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल इस आयोजन को खास बना रहे हैं। करीब दो सप्ताह तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में प्रवेश निःशुल्क रखा गया है।





