कर्नाटक के बसवकल्याण स्थित प्री-मैट्रिक बॉयज हॉस्टल में सहायक रसोइया के रूप में ठेके पर काम करने वाले प्रमोद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पथ संचलन कार्यक्रम में भाग लेने के कारण निलंबित कर दिया गया। सरकारी सेवा नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए उनकी सेवाएं समाप्त की गईं, जिसमें राज्य कर्मचारियों को निजी संगठनों या उनके आयोजनों में शामिल होने पर रोक है।

RSS की गतिविधियों पर अंकुश लगाने का प्रयास

यह कार्रवाई कर्नाटक मंत्रिमंडल के उस फैसले के कुछ दिन बाद आई है, जिसमें आरएसएस की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से नए नियम लाने का निर्णय लिया गया था। इन नियमों में सड़कों पर मार्च और सरकारी परिसरों में सार्वजनिक आयोजन शामिल हैं। घटना ने विवाद को जन्म दिया है

सरकारी शिक्षक और अधिकारी भी मौजूद

आयोजन की तस्वीरों में कई सरकारी शिक्षक और अधिकारी भी मौजूद दिखे। इनमें दो स्कूलों के प्रिंसिपल और एक कॉलेज के प्राचार्य शामिल हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, बसवकल्याण में हुए आरएसएस पथ संचलन में 20 से अधिक सरकारी कर्मचारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि सरकार ने आरएसएस पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है और स्कूल-कॉलेज परिसरों में संगठनों को अनुमति देने संबंधी आदेश में आरएसएस का कहीं उल्लेख नहीं है।