केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने उन पर राष्ट्र-विरोधी बयान देने और संसद में व्यवधान डालने का आरोप लगाया। रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी कोई बच्चे नहीं हैं, वे विपक्ष के नेता हैं। राष्ट्र-विरोधी बयान देना और संसद को बाधित करना स्वीकार्य नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि संसद में बार-बार व्यवधान से विपक्ष को ही नुकसान हो रहा है क्योंकि उनके मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही।

राहुल गांधी ने शुक्रवार को संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके पास वोट चोरी का पक्का सबूत है, जो भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में किया गया। राहुल ने कहा, “हमारे पास 100% सबूत है कि निर्वाचन आयोग ने वोट चोरी की है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में एक करोड़ फर्जी मतदाता जोड़े गए।” उन्होंने इसे राजनीतिक परमाणु बम करार देते हुए आयोग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।

आरोपों को निराधार बताया 

निर्वाचन आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को निराधार और गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए खारिज कर दिया। आयोग ने बयान जारी कर कहा, “रोजाना धमकियों और बेबुनियाद आरोपों के बावजूद, हम सभी चुनाव अधिकारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करने का आग्रह करते हैं। ऐसे बयानों को नजरअंदाज करना ही बेहतर है।”

सीआईएसएफ की तैनाती पर आपत्ति

किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के राज्यसभा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की तैनाती पर आपत्ति को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह कदम सांसदों की सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए उठाया गया। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सीआईएसएफ केवल तब हस्तक्षेप करता है, जब कोई सांसद आक्रामक व्यवहार करता है या नियमों का उल्लंघन करता है।