पश्चिम बंगाल की सियासत में विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव नतीजों को सिरे से नकारते हुए भाजपा पर ‘लोकतंत्र की हत्या’ और ‘वोटों की लूट’ का संगीन आरोप मढ़ दिया है। ममता ने दहाड़ते हुए कहा कि वे चुनाव में हारी नहीं हैं, बल्कि लगभग 100 सीटों पर वोटों की खुली लूट हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी लड़ाई सिर्फ भाजपा से नहीं थी, बल्कि हमें निष्पक्षता खो चुके इलेक्शन कमीशन से भी लड़ना पड़ा। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर उनके समर्थकों पर रेड डाली गई और उन्हें मनमाने तरीके से गिरफ्तार किया गया। इलेक्शन के बाद ईवीएम मशीनों पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि वोटर लिस्ट रिवीज़न के नाम पर जानबूझकर उनके समर्थकों के लाखों वोट काट दिए गए। मतगणना के दौरान उनके एजेंटों को डराया-धमकाया गया और उन्हें बूथ से बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि दो चरणों में चुनाव होने के तुरंत बाद उनके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया गया और अधिकारियों का धुआंधार ट्रांसफर किया गया। इतना ही नहीं, अपनी ही पार्टी के ब्यूरोक्रेट्स को अहम पदों पर बिठाया गया, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवालिया निशान लग गया। उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में कभी इस तरह का चुनाव नहीं देखा। यहां तक कि 2004 में भी इतनी ज्यादती और जुल्म का सामना नहीं करना पड़ा था।
इंडिया गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने की बात
इस गंभीर संकट की घड़ी में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन जैसे INDIA अलायंस के शीर्ष नेताओं ने उनसे बात की है। अखिलेश यादव भी कल कोलकाता पहुंच रहे हैं, जो इस मुद्दे पर गठबंधन की एकजुटता को दर्शाता है। ममता बनर्जी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उन्हें खुद बूथ से धक्का मारकर बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर एक महिला मुख्यमंत्री के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम जनता और खासकर महिलाओं के साथ कैसा सलूक किया गया होगा।
ममता बनर्जी का भाजपा पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप
चुनाव परिणामों के बाद ममता बनर्जी ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए एक बड़ा एलान भी किया। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। उन्होंने भाजपा पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने बुलंद आवाज में कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी नेता उनके साथ मजबूती से खड़े हैं और वे इस ‘लोकतंत्र की हत्या’ के खिलाफ डटकर मुकाबला करेंगे। ममता ने भाजपा पर महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों में भी इसी तरह से जीत हासिल करने का आरोप लगाया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल में हमने टाइगर की तरह लड़ाई लड़ी है। उन्होंने साफ कर दिया कि पूरा इंडिया गठबंधन उनके साथ खड़ा है और वे भाजपा की इस ‘वोट डकैती’ के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी, बल्कि इस धांधली को अदालत में चुनौती देकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले पर कड़ा एक्शन लेने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, रणनीति का खुलासा बाद में किया जाएगा। इसके लिए 10 सदस्यीय एक फाइंडिंग कमेटी का गठन किया जाएगा, जो विभिन्न इलाकों का दौरा कर सच्चाई का पता लगाएगी और जनता के सामने भाजपा के इस ‘जनादेश अपहरण’ का पर्दाफाश करेगी।
কালীঘাটে সাংবাদিক সম্মেলনে | Addressing the Press from Kalighat. https://t.co/pgpnNECkpV
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) May 5, 2026






