मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात में उन्होंने राज्य के प्रशासन, पहचान और आकांक्षाओं से जुड़े चार प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। इनमें मेघालय के लिए अलग कैडर, खासी और गारो भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना, इनर लाइन परमिट (आईएलपी) लागू करना और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा के नाम पर दिल्ली में एक सड़क का नामकरण शामिल है।
मुख्यमंत्री ने मेघालय के लिए अलग अखिल भारतीय सेवा कैडर की मांग को दोहराया, जो वर्तमान में असम के साथ संयुक्त कैडर में है। उन्होंने तर्क दिया कि अलग कैडर से मेघालय को समर्पित अधिकारी मिलेंगे, जिससे प्रशासन और शासन में सुधार होगा। इसके अलावा, उन्होंने खासी और गारो भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की, जिसके लिए मेघालय विधानसभा पहले ही प्रस्ताव पारित कर चुकी है। यह कदम इन भाषाओं की सांस्कृतिक पहचान और संरक्षण को बढ़ावा देगा।
इनर लाइन परमिट लागू करने की मांग
कॉनराड संगमा ने मेघालय में इनर लाइन परमिट लागू करने की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने अवैध आप्रवासन और घुसपैठ की बढ़ती चिंताओं का हवाला देते हुए कहा कि राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के निकट होने के कारण आईएलपी लागू करना मेघालय के हितों की रक्षा का सबसे प्रभावी तरीका है। विधानसभा ने इस संबंध में पहले ही एक प्रस्ताव पारित किया है।
सड़क का नामकरण करने का प्रस्ताव
अंत में मुख्यमंत्री ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और पूर्वोत्तर के प्रमुख नेता पीए संगमा की स्मृति में नई दिल्ली में एक सड़क का नामकरण करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि पीए संगमा ने हमेशा आदिवासियों, अल्पसंख्यकों और पूर्वोत्तर के लोगों की आवाज उठाई और यह कदम उनके योगदान को सम्मान देने का एक उचित तरीका होगा।





