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मीनाक्षी नटराजन प्रकरण: MP कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांगा, जीतू पटवारी ने कहा “समय नहीं मिला तो अगला निर्णय बताएंगे”

Written by:Shruty Kushwaha
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मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद प्रदेश कांग्रेस के सभी विधायक दिल्ली पहुंच रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि समय मिला तो हम सारे विधायकों के साथ राष्ट्रपति से मिलने जाएंगे और अगर ऐसा नहीं होता है तो फिर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के बाद पार्टी ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस के सभी 62 विधायकों के हस्ताक्षर के साथ राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा गया है और शुक्रवार को सभी विधायक दिल्ली पहुंच रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सारे नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि हमने निर्वाचन अधिकारी के सामने सारे तथ्य रखे, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं मानी। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि अगर राष्ट्रपति हमें मिलने का समय नहीं देंगे तो हम अपना अगला निर्णय आपको बताएंगे।

कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा 

मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस लगातार बीजेपी और निर्वाचन आयोग पर आरोप लग रही है। एएनआई से बात करते हुए जीतू पटवारी ने बताया कि अब मध्यप्रदेश कांग्रेस ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि “एमपी कांग्रेस के सभी 62 विधायकों के साथ हमने राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांगा है और सभी विधायक दिल्ली पहुंच रहे हैं। अगर राष्ट्रपति समय देंगे तो हम जरूर जाएंगे…अगर राष्ट्रपति समय नहीं देंगे तो अगला निर्णय आपको बताया जाएगा।”

जीतू पटवारी ने निर्वाचन आयोग पर लगाए आरोप

जीतू पटवारी ने कहा कि यह मुद्दा इस बात से जुड़ा है कि देश के सर्वोच्च सदन राज्यसभा के लिए मीनाक्षी का नामांकन एक ऐसे कारण से खारिज किया गया, जिसे सामान्य परिस्थितियों में पंचायत या जिला स्तर पर भी एक मामूली प्रक्रिया संबंधी त्रुटि माना जाता है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आपत्ति यह बताई गई कि नामांकन पत्र में समन का उल्लेख नहीं किया गया था, जबकि राज्यसभा नामांकन फॉर्म में समन का उल्लेख करने का कोई प्रावधान ही नहीं है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि इसे कहां और कैसे दर्ज किया जाना था और चुनाव आयोग इस कारण को भी स्पष्ट नहीं कर सका। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि न्याय के लिए पहले चुनाव आयोग से अपील की गई और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। उन्होंने कहा कि हमने राष्ट्रपति से मिलने के लिए समय मांगा है और अगर समय मिलता है तो उनके समक्ष इस प्रकरण को लेकर अपील की जाएगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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